लापता पिता को तलाशता रहा किशोर
दूसरी ओर लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में एक लड़का आंखों में आंसू और अपने पिता को पुकारता हुआ इधर उधर भटक रहा था। अर्पित पैलेस होटल में इसके पिता भी मौजूद थे। लेकिन घटना के बाद मंगलवार देर शाम तक उसे अपने पिता नहीं मिले। वह कभी लेडी हार्डिंग तो कभी आरएमएल अस्पताल के चक्कर लगा रहा था।
कभी पुलिस तो कभी डॉक्टरों से पूछ रहा था, आपने मेरे पिता को देखा क्या? मेरे पिता का नाम लाल चंद है। वो भी अर्पित पैलेस होटल में थे। अपने चाचा और चाची के साथ सुबह से ही 20 वर्षीय हिमांशु एक से दूसरे अस्पताल की ओर भागदौड़ कर रहा था। डॉक्टरों का कहना है कि इस घटना में कुछ शव इतने झुलस गए हैं कि उनकी पहचान करना मुमकिन नहीं हो पा रहा।
हिमांशु को रोता बिलखता देख पुलिस के जवान भी सदमे में आ गए। उन्होंने हिमांशु को मोर्चरी में ले जाकर सभी शवों की पहचान कराई, लेकिन फिर भी इस लाचार बेटे को अपना पिता नहीं मिला। हिमांशु के चाचा ने सुरेश ने बताया कि उनके भाई लालचंद अर्पित पैलेस होटल में रसोईयों के मैनेजर हैं।
वे पिछले 25 सालों से होटल में सेवाएं दे रहे हैं। सुबह जब होटल में आग की बारे में सूचना मिली तो पूरा परिवार सदमे में आ गया। सोमवार रात को वे अपने घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। इसके बाद से परिजनों को कोई जानकारी नहीं है।