- जिन लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं वह विदेशी न्यायाधिकरण में अपील कर सकते हैं। इसके लिए राज्य में 400 न्यायाधिकरणों की स्थापना की गई है।
- यदि विदेशी न्यायाधिकरण के जरिए उन्हें नागरिकता नहीं मिलती तो वह उच्च न्यायालय से उच्चतम न्यायालय तक जा सकते हैं।
- सभी कानूनी विकल्पों को आजमाने तक सरकार उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकती।
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट और एनआरसी कॉर्डिनेटर को दी बधाई
असम कांग्रेस से सासंद अब्दुल खलीका ने एनआरसी सूची के जारी होने पर कहा, 'मैं एनआरसी के स्टेट कॉर्डिनेटर और उच्चतम न्यायालय को अंतिम सूची जारी होने पर बधाई देता हूं। हालांकि मैं पूरी तरह इससे संतुष्ट नहीं हूं क्योंकि बहुत से असली भारतीय नागरिक इससे बाहर हैं। मैं सरकार से विदेशी ट्रिब्यूनल के गठन की समीक्षा करने की अपील करता हूं।'