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असम में एनआरसी लागू होने के बाद बोले मनोज तिवारी, दिल्ली में सबसे ज्यादा खतरा

Sat, 31 Aug 2019 03:29 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी - फोटो : अमर उजाला
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को एनआरसी की अंतिम सूची प्रकाशित कर दी है। इसे आप nrcassam.nic.in पर क्लिक करके देख सकते हैं। तीन करोड़ 11 लाख 21 हजार चार लोगों के नाम एनआरसी सूची में शामिल हैं। वहीं 19 लाख 6 हजार 657 लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं। असम में नागरिकता पहचान का काम सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हुआ है। सूची को लेकर लाखों लोगों के दिल की धड़कन अपने भविष्य को लेकर बढ़ी हुई हैं।

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वहीं इसका स्वागत करते हुए भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने दिल्ली में भी एनआरसी लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों की वजह से दिल्ली में स्थितियां बहुत खतरनाक हो रही हैं इसलिए यहां एनआरसी की बहुत जरूरत है। मनोज तिवारी ने कहा दिल्ली में जो घुसपैठिये रह रहे हैं वह सबसे ज्यादा खतरनाक हैं, हम दिल्ली में भी एनआरसी लागू करेंगे। 

हालांकि राज्य सरकार ने सूची में नाम नहीं आने पर लोगों को भयभीत न होने और हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया है। कई संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू की गई है और राज्य में सुरक्षाबलों की 218 कंपनियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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सूची में नाम शामिल न होने पर ये हैं विकल्प

 

  • जिन लोगों के नाम सूची में शामिल नहीं हैं वह विदेशी न्यायाधिकरण में अपील कर सकते हैं। इसके लिए राज्य में 400 न्यायाधिकरणों की स्थापना की गई है।
  • यदि विदेशी न्यायाधिकरण के जरिए उन्हें नागरिकता नहीं मिलती तो वह उच्च न्यायालय से उच्चतम न्यायालय तक जा सकते हैं।
  • सभी कानूनी विकल्पों को आजमाने तक सरकार उनके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकती।

कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट और एनआरसी कॉर्डिनेटर को दी बधाई

असम कांग्रेस से सासंद अब्दुल खलीका ने एनआरसी सूची के जारी होने पर कहा, 'मैं एनआरसी के स्टेट कॉर्डिनेटर और उच्चतम न्यायालय को अंतिम सूची जारी होने पर बधाई देता हूं। हालांकि मैं पूरी तरह इससे संतुष्ट नहीं हूं क्योंकि बहुत से असली भारतीय नागरिक इससे बाहर हैं। मैं सरकार से विदेशी ट्रिब्यूनल के गठन की समीक्षा करने की अपील करता हूं।'
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