नगर निगम की लापरवाही का आलम देखिए शहर के विभिन्न हिस्सों से अवैध कब्जे हटाने के लिए उसने पुलिस विभाग से 133 बार पुलिस बल मांगे लेकिन 33 बार खुद निगम के अधिकारी मौके से गायब मिले। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि निगम अधिकारी अतिक्रमण हटाने के प्रति कितने जागरूक हैं। खुद इस बात का खुलासा पुलिस आयुक्त ने जिला सतर्कता एवं निगरानी कमेटी की बैठक में किया था। उन्होंने नगर निगम से प्लानिंग के तहत पुलिस बल मांगने की सलाह दी है।
बता दें कि पिछले दिनों नगर निगम ने सरकार से अतिक्रमण हटवाने के लिए समय पर पुलिसबल न मिलने का रोना रोया था। इस पर सरकार ने अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया था कि वह समय पर पुलिस बल उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। इस पर पुलिस कमिश्नर ने 70 पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन में रिजर्व रखा है।
पुलिस लाइन के एसीपी जय प्रकाश ने बताया कि सरकार के निर्देश पर अभी 70 पुलिसकर्मी पुलिस लाइन में आए हैं जिन्हें स्थायी तौर पर अतिक्रमण अथवा कब्जा हटाने में उपयोग किया जाएगा। पुलिस लाइन से पुलिस बल भेजने की जिम्मेदारी उनकी होगी। उसके बाद संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी और एसीपी पुलिसबल को लीड करेंगे। उधर पुलिस कमिश्नर डॉ. हनीफ कुरैशी ने निगम अधिकारियों को सलाह दी है कि पहले वह अपनी औपचारिकताएं पूरी कर लें उसके बाद ही पुलिस बल मांगें ताकि पुलिसकर्मियों का समय बर्बाद न हो सके।