दिल्ली में चल रहे दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का शनिवार शाम एक भव्य समारोह में समापन हो गया। समापन समारोह में सिनेमाई जगत की कई नामचीन हस्तियों ने शिरकत किया।
इस मौके पर युवा निर्देशक बिश्वजीत मुखर्जी की निर्देशित डॉकूमेंट्री 'असि-द लॉस्ट रीवर' को अपनी श्रेणी में बेस्ट डॉक्यूमेंट्री का अवार्ड मिला। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से युवा निर्देशक ने उस नदी की हालत को पर्दे पर लाने की कोशिश की जिसके नाम पर काशी का नाम वाराणसी मिला।
बिश्वजीत बताते हैं कि वाराणसी का नाम काशी के दो नदियों पर पड़ा था, वरुणा और असि। इसमें से असि की हालत इन दिनों बेहद खराब है। लोग उसे असि नाला कहकर पुकारने लगे हैं। सामाजिक सरोकार रखने वाली इस डॉक्यूमेंट्री को डीआईएफएफ में सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के खिताब से नावाजा गया।
दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में चल रहे महोत्सव में विश्वभर की करीब 250 फिल्में दिखाईं गईं। समापन समारोह में युवा निर्देशक बिश्वजीत को उनकी असि द लॉस्ट रीवर के लिए दिग्गज फिल्म निर्देशक व अभिनेता तिग्मांशु धूलिया ने अवार्ड सौंपकर उनका सम्मान किया। डॉक्यूमेंट्री फिल्म का निर्माण वाराणसी के पंचगंगा फाउंडेशन ने किया।