पत्रकार से पॉलिटिशियन बने आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष पार्टी और केजरीवाल पर लगने वाले आरोप पर इतने भावुक हो गए कि न्यूज चैनल के लाइव प्रोग्राम में फूट-फूट कर रोने लगे।
बता दें कि न्यूज चैनल की इस चर्चा में जंतर-मंतर पर आत्महत्या करने वाले किसान गजेंद्र की बेटी मेघा के साथ भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा भी मौजूद थे।
चर्चा के दौरान जब आशुतोष से पूछा गया कि आखिर आप के नेताओं ने गजेंद्र को बचाने की कोशिश क्यों नहीं की तो वह भावुक हो गए और अचानक रोने लगे।
रोते हुए आशुतोष ने कहा कि मैं मानता हूं कि गजेंद्र की मौत के लिए मैं और मेरे नेता जिम्मेदार हैं लेकिन, मैं सोनिया गांधी और अजय माकन से गुजारिश करना चाहता हूं कि कम से कम इस मुद्दे पर वो राजनीति करना बंद करें।
टीवी पर हाथ जोड़कर कही अपनी बात
बेहद भावुक होते हुए आशुतोष ने कहा हम लोग गजेंद्र के परिवार के साथ हैं। आशुतोष ने कहा कि हम यहां गंदी राजनीति करने नहीं आए हैं।
उन्होंने दूसरी पार्टियों से अनुरोध किया कि कम से कम आत्महत्या की इस घटना पर राजनीति न की जाए। उन्होंने कहा कि असल में गजेंद्र ने आत्महत्या क्यों की इसका सच कोई नहीं जानता।
हालांकि इस भावुक छड़ में गजेंद्र की बेटी भी न्यूज चैनल पर थी और आशुतोष उससे बात करते हुए कह रहे थे कि ये सही है कि हम आपके पिता को नहीं बचा सके।
आशुतोष ने गजेंद्र की बेटी से कहा कि हमें हमारी गलती के लिए माफ कर दीजिए। आशुतोष ने रोते हुए हाथ जोड़कर कहा कि मैं बीजेपी और कांग्रेस से गुजारिश करता हूं कि वह इस मामले पर राजनीति न करें।
सोशल मीडिया पर मचा हंगामा
लाइव टीवी शो में आशुतोष की रोने की घटना के बाद सोशल मीडिया साइट्स पर तुरंत ही बहस शुरु हो गई। ट्वीटर पर तो #AshuCries का हैश टैग इस समय टॉप ट्रेंड बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर आशुतोष के इस भावुक वक्तव्य पर दोनों ही तरह की प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कुछ लोग इसे घड़ियाली आंशू कह रहे हैं तो कुछ इसे स्वाभाविक वेदना।
आशुतोष के साथ इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी दिल्ली के वसंत विहार में हुई गैंगरेप की घटना पर रिपोर्टिंग करते हुए भी आशुतोष रो पड़े थे।
RT for crocodile, fav for Ashutoh #AshuCries pic.twitter.com/kxDsskkA23— Ishant Sharma (@CrimeMasterV2) April 24, 2015
पहले भी बयान दे कर फंस चुके हैं आशुतोष
गौरतलब है कि दिल्ली में गजेंद्र सिंह की आत्महत्या के बाद आम आदमी पार्टी द्वारा बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में एक पत्रकार ने आशुतोष से पूछा था कि केजरीवाल गजेंद्र को बचाने के लिए आगे क्यों नहीं आए? जबकि शीला दीक्षित सरकार में बिजली के बढ़े दामों का विरोध करने के लिए वह खंभों पर चढ़कर खुद ही बिजली काटा करते थे।
इस सवाल पर आशुतोष ने कहा कि वह केजरीवाल से कहेंगे कि आगे इस तरह की कोई घटना हो तो वह खुद पर पेड़ पर चढ़ कर जान बचाने की कोशिश करें।
हालांकि आशुतोष के इस बयान के बाद काफी हंगामा मच था और बाद में खुद ही उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी और गलती के लिए खेद भी प्रकट किया था।