-विशेषज्ञ बोले, लगातार गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज, ऐसे में तापमान में कमी के कारण प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हुई
-सीपीसीबी के अनुसार, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 371 और पीएम2.5 की मात्रा 239.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसीे
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बीते सप्ताह से गिरते तापमान और प्रतिकूल मौसम की स्थिति ने हवा की गुणवत्ता को गंभीर स्तर तक धकेल दिया है। सोमवार को लगातार दूसरे दिन दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज की गई। सुबह से ही शहर धुंध और स्मॉग की मोटी परत से ढका रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हुई। इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ी और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों की मुश्किलें बढ़ीं। हवा में जहरीले प्रदूषक कणों का स्तर सामान्य से कई गुना तक बढ़ गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) औसतन 410 तक रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। रविवार की तुलना में इसमें 30 अंक की गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी ओर, एनसीआर में गाजियाबाद की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 425 दर्ज किया गया, यह हवा की गंभीर श्रेणी है। वहीं, नोएडा में 412, गुरुग्राम में 379 और ग्रेटर नोएडा में 375 एक्यूआई दर्ज हुआ। इसके अलावा, फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 253 दर्ज किया गया। यह हवा की मध्यम श्रेणी है।
फिलहाल, राजधानी में ग्रेप के चार चरण लागू है। दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 10.75 फीसदी रहा। इसके अलावा पेरिफेरल उद्योग से 8.08, आवासीय इलाकों से 2.84, निर्माण गतिविधियों से 1.37 और रोड से उड़ने वाली धूल की 0.71 फीसदी की भागीदारी रही। सीपीसीबी के अनुसार, सोमवार को हवा उत्तर-पश्चिम दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 950 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 200 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर तीन बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 371 और पीएम2.5 की मात्रा 239.8 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि मंगलवार को हवा बेहद खराब श्रेणी में पहुंचने की आशंका है। इससे लोगों को फोरी राहत मिल सकती है।
क्यों बिगड़ती जा रही दिल्ली की हवा?
विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार बनी गंभीर वायु गुणवत्ता का मुख्य कारण मौसम का मिजाज है। ऐसे में तापमान में कमी के कारण प्रदूषण के स्तर में वृद्धि हुई है और पश्चिमी विक्षोभ के चलते वायु गुणवत्ता जो नीचे फंसी हुई ठंडी हवा को ऊपर उठने नहीं देती है। इसी ठंडी हवा में गाड़ियों का धुआं और निर्माण की धूल जैसे प्रदूषक जमा हो जाते हैं।
इन इलाकों में सबसे अधिक रहा प्रदूषण
-विवेक विहार-472
-वजीरपुर-471
-रोहिणी-465
-मुंडका-464
-जहांगीरपुरी-466
-अशोक विहार-464
-पडपड़गंज-463
-सोनिया विहार-461
-आनंद विहार-460
-नॉर्थ कैंपस-451
-चांदनी चौक-448
-डीटीयू-447
-आईटीओ-428
-जेएलएन स्टेडियम-425