23 अगस्त की रात पलवल के गदपुरी टोल के आगे सियानंद मिश्रा के बेटे और 12वीं कक्षा के छात्र आर्यन मिश्रा की दो गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कार चला रहे मकान मालिक के बेटे हर्षित गुलाटी के बगल वाली सीट पर आर्यन बैठा था। पिछली सीट पर मकान मालिक की पत्नी सुजाता गुलाटी, हर्षित का भाई सैंकी गुलाटी और पड़ोस में रहने वाली कीर्ति शर्मा मौजूद थे। हर्षित के भाई सैंकी गुलाटी के ऊपर कुछ दिन पहले ही हत्या के प्रयास का मामला दर्ज था।
सियानंद मिश्रा ने आरोप लगाया था कि मकान मालिक के पूरे परिवार ने योजना बनाकर रात सवा एक बजे आर्यन को साथ ले गए। उन्होंने सवाल उठाया था कि कार में मौजूद पांच लोगों में से केवल आगे बैठे उनके बेटे आर्यन को एक नहीं दो गोली लगी लेकिन अन्य 4 लोगों को एक भी गोली नहीं लगी। वहीं, एक गोली लगने के बाद जब सभी उतर गए थे तो बाद में भी किसी और को हाथ भी नहीं लगाया और केवल आर्यन को गोली मार दी। ऐसे में उन्होंने साजिश की ओर इशारा किया था। उन्होंने सैंकी को पहले भी अपराधी बताते हुए अपनी शिकायत की है। इसके अलावा सवा चार लाख रुपये मकान मालिक के लेने की भी बात कही थी।
आर्यन के पिता की शिकायत बाद मामला बढ़ते देख फरीदाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने इस मामले में तीसरी बार मकान मालिक और उसके परिवार को भी शक के घेरे में रखते हुए तीसरी बार जांच का एंगल उनकी ओर मोड़ दिया है। 24 अगस्त की सुबह ही पुलिस ने सैंकी को एनआईटी थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह अभी जेल में है।
आर्यन के पिता ने मकान मालिक के परिवार पर भी हत्या के मामले में अपनी शंका जताई थी। ऐसे में क्राइम ब्रांच पुलिस इस एंगल से भी मामले में तफ्तीश कर रही है। इस मामले में सैंकी और उसके परिवार से भी पूछताछ का प्रयास किया जाएगा। -पंकज कुमार, क्राइम ब्रांच सेक्टर-30