राजधानी में बिजली किल्लत पर आम आदमी पार्टी भाजपा को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
इसी कड़ी में ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपने सभी विधायकों के साथ उनसे मुलाकात का समय मांगा है।
पत्र में उन्होंने केंद्र सरकार पर डिस्कॉम्स को बचाने का आरोप लगाया है। साथ ही बिजली कंपनियों पर कार्रवाई की मांग की है।
केजरीवाल ने बताए नियम
केजरीवाल के मुताबिक जनवरी-फरवरी में ‘आप’ सरकार के दौरान दिल्लीवासियों को 24 घंटे बिजली मिलती थी।
फिलहाल केंद्र सरकार भी मान रही है कि दिल्ली में बिजली की कमी नहीं है और तकनीकी वजह से बिजली गुल हो रही है। इससे साफ है कि बिजली कंपनियां ठीक से काम नहीं कर रही हैं, लिहाजा उनकी जवाबदेही तय करनी होगी।
केजरीवाल ने बताया कि लाइसेंस एग्रीमेंट में साफ-साफ लिखा है कि चौबीस घंटे बिजली सप्लाई की जिम्मेदारी कंपनियों पर है। दिल्ली में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने साफ कहा था कि बिजली कटने की स्थिति में कंपनियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे सप्लाई में सुधार आया था।
भाजपा पर किया प्रहार
‘आप’ संयोजक ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कंपनियों की जवाबदेही तय करने से बच रही है। कई बार लगता है कि डिस्कॉम्स को बचाने की भी कोशिश हो रही है।
केजरीवाल ने कहा कि सब्सिडी देकर बिजली के रेट घटाए गए थे, लेकिन तत्कालीन केंद्र सरकार ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए कोई प्रावधान नहीं किया। लिहाजा तीन महीने बाद दाम बढ़ गए।
विधान सभा चुनाव के दौरान भाजपा ने तीस फीसदी सब्सिडी देने का वादा किया था। ऐसे में केंद्र सरकार को इस पर काम करना चाहिए।