दिल्ली सरकार अनाधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने पर नए सिरे से काम करेगी। सरकार बीते अक्तूबर में आई सीएजी की रिपोर्ट को इसके लिए आधार बना सकती है।
रिपोर्ट में कॉलोनियों के नियमितीकरण को गलत बताया गया था। इस संबंध में शहरी विकास विभाग ने राजस्व विभाग से कॉलोनियों की ताजा स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
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बीती सरकार ने दिल्ली में आए 1639 अनधिकृत कॉलोनियों के आवेदन में से 895 को नियमित कर दिया था, मगर सीएजी की अक्तूबर 2013 में आई रिपोर्ट में बताया गया कि कॉलोनियों की बाउंड्री तय करने में कानूनी प्रक्रिया का ख्याल नहीं रखा गया है।
यही नहीं, सीएजी की रिपोर्ट में विकास कार्यों में भी कमियां बताई है। उसमें बताया गया था कि 797 कॉलोनियों में सीवर लाइन नहीं है। इसी तरह 197 में पानी की पाइप लाइन नहीं पड़ी है। इसके अलावा 98 फीसदी से ज्यादा कॉलोनी के आरडब्ल्यूए ने ओनरशिप सर्टिफिकेट जमा नहीं कराया है।
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राजस्व विभाग के मंडलायुक्त धर्मपाल ने बताया कि शहरी विकास विभाग ने उनसे कुछ दिन पहले अनधिकृत कॉलोनियों की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। इसमें कॉलोनियों की बाउंड्री, उनका खसरा और खतौनी नंबर भी शामिल है।
राजस्व विभाग ने यह जानकारी उपलब्ध करा दी है। बताया जाता है कि इसी आधार पर सरकार आगे कॉलोनियों के नियमितीकरण और विकास कार्यों को लेकर नई घोषणा भी करेगी। उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी के अंत या फरवरी के पहले पखवाडे़ में कुछ घोषणा हो सकती है।