उन्नाव व कठुआ की घटनाओं का जिक्र करते हुये उन्होंने इसके संदेश को बेहद खतरनाक बताया। केजरीवाल के मुताबिक, उन्नाव में जिस तरह से पूरा पुलिस महकमा आरोपी को बचाता रहा और कठुआ में जिस तरह से आरोपी के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं, उससे साफ है कि अगर बलात्कार करने वाला भाजपा नेता या समर्थक है तो उसके बचाव में प्रधानमंत्री से लेकर आम भाजपा कार्यकर्ता भी उसे बचाने में लग जायेंगे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि वह स्वाती मालीवाल की दो मांगे हैं। एक, अगर किसी बच्ची के साथ बलात्कार होता है तो बलात्कारी को फांसी मिलनी चाहिये।
वहीं, इस तरह के जघन्य मामलों की छह महीने में सुनवाई पूरी होनी चाहिये। दोनों मांगों को समर्थन करते हुये केजरीवाल ने केंद्र से मांग की कि तत्काल प्रभाव से इन्हें मान लिया जाये।
केजरीवाल ने लोगों को भरोसा दिलाया कि अगले विधान सभा के सत्र में स्वाती मालीवाल की मांगों को पूरा करने के लिये आईपीसी व सीपीआरसी में संशोधन का एक बिल लाया जायेगा।
इसे पास करके मंजूरी के लिये केंद्र्र का भेजा जायेगा। दिल्ली सरकार व विधान सभा को चौथाई सरकार व सदन बताते हुये उन्होंने कहा कि केंद्र से मांग की जायेगी कि सदन से पास कानून को मंजूर करे।
अरविंद केजरीवाल ने हाईकोर्ट से अपील की कि वह यह बताये कि दिल्ली में बलात्कार के सभी मामलों की छह महीने में सुनवाई पूरी होने के लिये कितने फास्ट ट्रैक कोर्ट व जज की जरूरत है और इस पर खर्च कितना आयेगा। दिल्ली सरकार तत्काल उतनी राशि का इंतजाम कर देगी, जिससे महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
अनशन से केंद्र में बैठे लोगों की आत्मा हिलेगी
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि स्वाती यहां तपस्या कर रही हैं। इससे केंद्र सरकार में बैठे लोगों की आत्मा हिलेगी। भगवान उन्हें सद् बुद्धि देंगे।
उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र बलात्कारियों को दंड देने के लिये ऐसा कानून बनायेगा, जिससे कोई बलात्कार करने की हिम्मत नहीं कर सकेगा।