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शिक्षकों के वेतन का रास्ता साफ : केजरीवाल बोले- कॉलेज अपने किसी भी फंड को वेतन के लिए कर सकते हैं इस्तेमाल

Tue, 16 Mar 2021 10:44 PM IST
संजीव कुमार झा डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली सरकार ने शिक्षकों के वेतन के लिए मंगलवार को जारी किया 28.24 करोड़ रूपये
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के उन कॉलेजों में शिक्षकों का वेतन एक बड़ा मुद्दा बना हुआ था जो दिल्ली सरकार से वित्त पोषित हैं। कई महीनों से इन शिक्षकों को वेतन नहीं मिल रहा था जिससे शिक्षकों और दिल्ली सरकार के बीच टकराव की स्थिति बन गई थी। लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री ने शिक्षकों के वेतन को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है जिसके बाद लगता है कि अब शिक्षकों के वेतन का मामला विवाद का कारण नहीं बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जो कॉलेज पूरी तरह दिल्ली सरकार से वित्त पोषित हैं, वे अपने किसी भी फंड का इस्तेमाल शिक्षकों को वेतन देने के लिए कर सकते हैं। लेकिन उन्हें इसकी जानकारी दिल्ली सरकार को देनी होगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को वेतन के लिए 28.24 करोड़ रूपए भी जारी किया।

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अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता हैं और उनका वेतन समय से उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। दिल्ली सरकार इसके लिए पर्याप्त फंड उपलब्ध कराएगी। लेकिन इसके लिए कोर्ट के उस निर्णय का भी इंतजार किया जाना चाहिए जिसमें वह इस बात की सुनवाई कर रही है कि क्या कॉलेज के दूसरे मद मेंं उपलब्ध धन का उपयोग शिक्षकों का वेतन देने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं। केजरीवाल ने कहा कि इस निर्णय के आने के बाद एक निश्चित प्रकिया के तहत वेतन उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन तब तक के लिए कॉलेज अपने स्तर पर निर्णय ले सकेंगे। उन्हें अपने निर्णयों की जानकारी दिल्ली सरकार को देनी होगी।

केजरीवाल ने कहा कि इस मुद्दे के स्थाई समाधान की तलाश के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति से बैठ कर निर्णय लिया जाएगा जिससे भविष्य में भी कभी इस मुद्दे पर कोई विवाद की स्थिति न बने। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कॉलेज अपने स्तर पर अपने शिक्षकों को वेतन देने के लिए निर्णय कर सकते हैं, लेकिन कॉलेजों के कामकाज में पूरी तरह पारदर्शिता होनी चाहिए। दिल्ली के 12 कॉलेजों के शिक्षकों, प्राध्यापकों और अन्य लोगों के साथ बैठक कर शिक्षकों के वेतन पर निर्णय लिया गया।

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