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आप संयोजक अरविंद केजरीवाल का दावा: 'दिल्ली में चौथी बार बनेगी आप की सरकार, भाजपा के पास नहीं कोई मुद्दा'

Sun, 15 Dec 2024 11:14 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। देश की राजनीति में आप का इतना योगदान तो है कि केवल शासन के आधार पर चुनाव लड़े जा सकते हैं और इसी के दम पर चुनाव जीते जा सकते हैं।
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अरविंद केजरीवाल - फोटो : X/AAP
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी (आप) संयोजक अरविंद केजरीवाल का दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में अपने कामों की बदौलत दिल्ली में आप की चौथी बार सरकार बनाने जा रही है। इसमें दो-चार सीटें ऊपर-नीचे हो सकती हैं। केजरीवाल रविवार वरिष्ठ आप नेता जैस्मीन शाह की पुस्तक ‘द दिल्ली मॉडल किताब'' के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे।

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अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, आप तीन बार दिल्ली चुनाव जीत चुकी है। एक बार फिर कुछ समय बाद दिल्ली में चुनाव होने वाले हैं। लेकिन, भाजपा के पास कोई मुद्दा ही नहीं है। देश की राजनीति में आप का इतना योगदान तो है कि केवल शासन के आधार पर चुनाव लड़े जा सकते हैं और इसी के दम पर चुनाव जीते जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दिल्ली के गवर्नेंस मॉडल के बारे में नहीं, बल्कि यह आम आदमी पार्टी (आप) की राजनीति का मॉडल भी है। आप ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी की मूलभूत समस्याओं को सुलझाने की कोशिश की है।

कहानियां की साझा
अरविंद केजरीवाल ने इस मौके पर कुछ कहानियां साझा की। केजरीवाल के मुताबिक, सबसे पहले मनीष सिसोदिया से मुलाकात हुई। मैं इंजीनियर भी हूं, तो मुझे थोड़ी बहुत कोडिंग करनी भी आती थी। इन्कम टैक्स में सीटिंग डिप्टी कमिश्नर था। इसलिए मैं उसका चेहरा नहीं बन सकता था। वरना ये लोग मुझे अंडमान भेज देते। केजरीवाल ने बताया कि इसके बाद उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी, इस्तीफा दे दिया। फिर 10 साल हमने दिल्ली में सुंदर नगरी और नंद नगरी की झुग्गियों में काम किया। इसके बाद सत्येंद्र जैन मिले। ये एक प्रोफेशनल आर्किटेक्ट हैं।
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जाति नहीं, प्रदर्शन के आधार पर टिकट: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में अपने सारे उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। जब हम टिकट की घोषणा कर रहे थे, तो बातचीत में कभी यह नहीं आता कि कोई सीट इस जाति की है, इसलिए उस जाति को दे दो। केवल परफॉर्मेंस के आधार पर हमने टिकट दिए। हम केवल यह देखते हैं कि कौन काम कर रहा है। किसको जनता पसंद कर रही है। दिल्ली मॉडल ऑफ गवर्नेंस में ईमानदारी बहुत जरूरी है।
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