आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को फरीदाबाद में रोड शो करना महंगा पड़ सकता है। क्योंकि उनके काफिले में अनुमति से ज्यादा गाड़ियां चल रहीं थीं। खुफिया विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
उधर, उपायुक्त व जिला निर्वाचन अधिकारी ने भी अधिकारियों से इसकी रिपोर्ट मांगी है। जांच के दौरान केजरीवाल आचार संहिता के उल्ंलघन के घेरे में आ सकते हैं।
ज्ञात हो कि अरविंद केजरीवाल 22 मार्च को आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी पुरुषोत्तम डागर के समर्थन में केजरीवाल ने रोड शो किया था। रोड शो सेक्टर-37 मार्केट से शुरू होकर सभी विधानसभाओं में होते हुए हथीन के उटावड़ गांव पहुंचकर समाप्त हो गया था।
बताया जाता है कि जिला प्रशासन ने शो के लिए केवल आठ गाड़ियों को चलाने की अनुमति दी थी। लेकिन उसमें समर्थकों की करीब 45 गाड़ियां शामिल थीं। जिले के खुफिया तंत्र ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है।
जिला उपायुक्त विजय सिंह दहिया ने भी चुनाव में लगे अधिकारियों व खुफिया विभाग से इसकी रिपोर्ट मांगी है। जांच में दोषी पाए जाने पर केजरीवाल चुनाव आयोग के लपेटे में आ सकते हैं। यानी प्रत्याशी व संयोजक दोनों के खिलाफ आचार संहिता के उल्लघंन का मामला दर्ज हो सकता है।
फरीदाबाद के जिला निर्वाचन अधिकारी विजय सिंह दहिया ने कहा कि हमें रोड शो में आप प्रत्याशी के समर्थकों द्वारा अनुमति से ज्यादा वाहन चलाने की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।