दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का कहना है कि दिवाली से पहले इतने सारे लोगों की नौकरी छीन लेना, बेहद शर्मनाक और अमानवीय है फैसला है। यह भाजपा की मानसिकता बताती है। भाजपा अपने भाषण और मेनिफेस्टो में नौकरी देने की बात करती है, लेकिन यह घटना बताती है कि असल मे वो लोगों की नौकरियां छीन रही है। यह कर्मचारी 30-30 सालों से शानदार काम कर रहे थे, इन्होंने कई महिलाओं की मदद की लेकिन भाजपा ने एक झटके में इन्हे निकाल दिया।
इनके घरों में कैसे मनेगी दिवाली?: सिसोदिया
मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा ने जिस तरह दिवाली से पहले सैकड़ों लोगों के घर उजाड़े और उनकी नौकरियां छीनी हैं, यह भाजपा द्वारा किया गया बड़ा पाप है। यह घटना साफ बताती है कि भाजपा नौकरियों के खिलाफ है। वह सरकार में काम कर रहे लोगों को नौकरी से निकालने के पक्ष में रहती है। न केवल वह लोगों को रोजगार देने में असफल है, बल्कि जो लोग काम कर रहे हैं, उनकी भी नौकरियां छीन रही है। ये लोग खासकर महिलाओं की मदद कर रहे थे। लेकिन भाजपा ने इन्हें एक झटके में नौकरी से निकाल दिया, वह भी दिवाली से ठीक पहले। अब इनके घरों में दिवाली कैसे मनेगी? भाजपा अब किस मुंह से बात करेगी, जब एक तरफ वह नौकरियां देने की बात कर रही है और असल में लोगों की नौकरियां छीन रही है।