दिल्ली के पिछले विधानसभा चुनावों में मिली अप्रत्याशित जीत के साथ आम आदमी पार्टी ने राजनैतिक पटल पर धमाकेदार एंट्री की। आम आदमी की राजनीति और मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को बदलने का दावा करने वाली इस पार्टी से लोगों ने उम्मीदें भी लगा लीं।
पार्टी ने इन्हीं उम्मीदों के दम पर लोकसभा चुनाव में दो सौ से अधिक उम्मीदवार मैदान में उतारे। लेकिन दिल्ली में पार्टी के कुछ गलत फैसलों और देश भर में चली मोदी लहर के चलते आप के अधिकांश उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
इससे सीख लेते हुए पार्टी ने हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से हटने का फैसला लिया। क्योंकि पार्टी दिल्ली चुनावों पर ध्यान लगाना चाहती थी। इसके लिए पार्टी ने तैयारी भी शुरू कर दी थी। लेकिन अचानक बृहस्पतिवार को एलजी ने राष्ट्रपति को एक चिट्ठी लिखकर आप की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।