मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राजधानी में बहुनिकाय व्यवस्था के बीच मानसून से पूर्व तैयारी, नालों की सफाई और जलभराव से निपटने व अच्छे समन्वय के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (एसपीवी) एजेंसी बनाई जानी चाहिए।
ऐसी एजेंसी गठित किए जाने का लाभ लंबे समय तक मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने मानसून सीजन को लेकर बाढ़ नियंत्रण की तैयारी पर बनी एपेक्स कमेटी की बैठक में बाढ़ नियंत्रण आदेश जारी करने के बाद नालों की सफाई पुरानी विधि से छोड़कर आधुनिक तकनीक को अपनाने की इच्छा भी जताई।
उन्होंने कहा कि नाले से गाद निकालने के बाद उसे उठाने के लिए उसके सूखने का इंतजार करते हैं, जिससे कचरे से बड़ा हिस्सा फिर नाले में चला जाता है। दुनिया में ऐसा कहीं नहीं होता, इसलिए हमें नालों की सफाई सुपर सकर मशीन से करानी चाहिए।
बाढ़ नियंत्रण तैयारी वाली बैठक में मंत्री सत्येंद्र जैन, कैलाश गहलोत के साथ मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. एमएम कुट्टी के अलावा तमाम विभाग व एजेंसी के मुखिया शामिल हुए। सभी ने मानसून सीजन की बारिश से बाढ़ के हालात से निपटने की तैयारी की जानकारी दी।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर
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सभी विभागों ने रोड, ड्रेन और जलभराव वाले क्षेत्रों की जानकारी दी। पूर्वी दिल्ली मजिस्ट्रेट कार्यालय में बने नियंत्रण कक्ष में हर एजेंसी के स्टाफ की मौजूदगी रहेगी। नियंत्रण कक्ष 15 अक्तूबर तक चौबीस घंटे चलेगा।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बाढ़ नियंत्रण से जुड़े नियंत्रण कक्ष नंबर-1077, 011-42015434 के साथ-साथ सभी एजेंसियों के आपात नंबर, जलभराव के स्थान समेत तमाम जानकारी वाला मैन्युअल भी जारी किया।
मुख्यमंत्री ने मानसून के दौरान विभागों के बीच समन्वय को लेकर चिंता जाहिर की। यह भी पूछा कि क्या मानसून की भविष्यवाणी के बाद यह अनुमान लगा सकते हैं कि बाढ़ आएगी या नहीं।
मंडलायुक्त ने बैठक में कहा कि एमसीडी आयुक्त सभी विभागों को नाले से निकाली गई गाद साइट पर डालने की अनुमति दें, ताकि बारिश में वापस गाद नाले में ना जाए।
मंत्री करेंगे जिलास्तर की निगरानी। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और सेंट्रल जिले की निगरानी करेंगे। विकास मंत्री गोपाल राय पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और शाहदरा जिले पर नजर रखेंगे। वहीं सत्येंद्र जैन को पश्चिम जिले, नई दिल्ली, उत्तर व उत्तर-पश्चिम जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विशेष बात ये है कि जलमंत्री राजेन्द्र पाल गौतम को बाढ़ निगरानी वाली टीम में जगह नहीं दी गई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के नंबर
011-22051234, 22428773, 22428774