दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल एक नई मुश्किल में घिर गए हैं। इस बार ये मुश्किल भाजपा या पीएम मोदी ने नहीं खड़ी की बल्कि इस बार ये मुश्किल 'आप' पार्टी ने खड़ी की है। जी हां आप पार्टी ने लेकिन ये आम आदमी पार्टी नहीं बल्कि आपकी अपनी पार्टी है।
हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आप ने यह याचिका चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ दायर की है। आप ने राजनीतिक दल आपकी अपनी पार्टी (आप-पीपल्स) के पंजीकरण पर आपत्ति जताई थी, लेकिन आयोग ने इसे खारिज कर दिया था।
जस्टिस सिद्घार्थ मृदुल ने आप की याचिका पर चुनाव आयोग व आप-पीपल्स को नोटिस जारी कर 13 नवंबर तक जवाब मांगा है। आप ने आप-पीपल्स का पंजीकरण रद्द करने की मांग की है।
आप का कहना है मिलते जुलते नाम से मतदाताओं में भ्रम फैलेगा और उसके वोट कटने की आशंका है। आप पार्टी की ओर से अधिवक्ता अनुपम श्रीवास्तव ने याचिका दायर कर इस मामले में फौरन दखल देने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी ने कोर्ट में चुनाव आयोग के 16 जुलाई के आदेश को रद्द करने की मांग है। इस आदेश में आयोग ने आम आदमी पार्टी की मांग रद्द कर दी थी। इस मांग में पार्टी ने नई पार्टी आपकी अपनी पार्टी का रजिस्ट्रेशन रद्द करें।