अनपढ़ राजा की कहानी सुनाने के बाद मुख्यमंत्री ने उससे मिली नैतिक सीख का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आपके देश में महंगाई, बेरोजगारी समेत दूसरी समस्याएं और सब-कुछ गड़बड़ चल रहा है, तो सबसे पहले जांच-परख कर देखें कि शासक अनपढ़ तो नहीं है और उसका कोई दोस्त तो नहीं है। अगर ऐसा है तो सबसे पहले अपने राजा को उखाड़ फेंकना चाहिए। ऐसा न होने की सूरत में देश की समस्याओं का कोई समाधान नहीं होगा।
यह सुनाई कहानी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी समय में एक महान देश में चौथी पास राजा था। वह बहुत अहंकारी और भ्रष्टाचारी था। कुछ लोगों के कहने पर राजा कुछ भी फैसले ले लेता था। राजा ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बैंकों का दो-ढाई लाख करोड़ लूट लिया और एयरपोर्ट, बिजली, तेल, खदान सब खरीद लिया। देश में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस सब महंगा होने से चारों तरफ हाहाकार मच गया। राजा ने विरोध करने वालों को जेल में डालना शुरू कर दिया। आखिर में जनता को राजा की हकीकत पता चल गई और उसने उसे हटाकर एक ईमानदार देशभक्त आदमी को राजा बना दिया और देश खूब तरक्की करने लगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा को कम पढ़ा होने पर बुरा लगने लगा और उसने एक फर्जी डिग्री बनवा ली। लोगों को यह बात ठीक नहीं लगी कि राजा ने फर्जी डिग्री बनवा ली और उन्होंने आरटीआई डाली, मगर आरटीआई डालने वालों पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया जाता था। मुख्यमंत्री ने एक कम पढ़े राजा की कहानी सुनाते वक्त नोटबंदी व किसान कानूनों को जिक्र करते हुए इशारे-इशारे में प्रधानमंत्री पर वार किए। इतना ही नहीं, उन्होंने कहानी में अपने कामकाज का हवाला देकर स्वयं का नाम लिए बिना अपनी एक ईमानदार व देशभक्त भूमिका दर्शाने का प्रयास किया। इसके अलावा महंगाई के कारण राजा बदलकर ईमानदार व देशभक्त व्यक्ति को राजा देेने के तर्क दिए।
भ्रष्टाचार का एक ही काल केजरीवाल-केजरीवाल के लगे नारे
विधानसभा के सत्र के दौरान अरविंद केजरीवाल के पहुंचने के दौरान सदस्यों ने उनका नारेबाजी कर स्वागत किया। सदस्यों ने भ्रष्टाचार का एक ही काल केजरीवाल-केजरीवाल के नारे लगाए। इसके अलावा सदस्य दिलीप पांडे की ओर से सदन में रखा गया संकल्प पत्र पास किया गया। उन्होंने संकल्प पत्र में कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया में सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं, वह सबसे युवा राजनीतिक दल आम आदमी पार्टी को कुचलने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा रहे हैं। प्रधानमंत्री और भाजपा ने लंबे समय से आम आदमी पार्टी के तेजी से विकास एवं विस्तार और इसके राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की बढ़ती लोकप्रियता को रोकने की कोशिश की है।