आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को ई-रिक्शा चालकों के साथ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।
बाद में मीडिया से बात करते हुए केजरीवाल ने चेतावनी दी कि केंद्र सरकार अगर दस दिन में ई-रिक्शा संचालन को वैध करने का नियम तय नहीं करती तो आप आंदोलन करने को मजबूर होगी। केजरीवाल ने इसके लिए केंद्र की एनडीए सरकार और यूपीए सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
केजरीवाल ने कहा कि जून में रामलीला मैदान से नितिन गडकरी ने इस मसले पर जल्द समाधान निकालने की घोषणा की थी। बावजूद इसके केंद्र की भाजपा सरकार ने अभी तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है। इससे करीब दो लाख ई-रिक्शा चालक भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।
'ई-रिक्शा को वोटो बैंक न बनाएं'
केजरीवाल ने कहा कि पर्यावरण फ्रेंडली ई-रिक्शा संचालन की माकूल नीति देने में पहले यूपीए सरकार और फिलहाल एनडीए सरकार नाकाम रही हैं। हालांकि इसी साल फरवरी में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस बारे में सरकार को मानक तय करने का निर्देश दिया था। यही वजह रही अदालत ने ई-रिक्शों का अवैध ठहरा दिया है।
केजरीवाल ने बताया कि बातचीत में गडकरी ने कहा है कि इसका मसौदा मंत्रालय की वेबसाइट पर है। दस दिनों में इसे अधिसूचित कर दिया जाएगा। इस पर केजरीवाल ने चेतावनी दी कि तय समय में अगर सरकार समाधान देने नाकाम रही तो आप इस मुद्दे को लेकर आंदोलन शुरू करेगी।
केजरीवाल ने कहा कि पार्टी ई-रिक्शा चालकों को एक वोट बैंक के तौर पर देखने की चाल को खारिज करती है। पार्टी का मानना है कि लड़ाई गरीबों को इंसाफ दिलाने की है। इसमें किसी पार्टी को कोई सियासत नहीं देखनी चाहिए।
अपनी सरकार के फैसले का जश्न मना रहे भाजपाई!
प्रदेश भाजपा ने केंद्र सरकार के उस फैसले का स्वागत किया है जिसमें ई-रिक्शा चालू करने के लिए नई नीति तैयार करने की बात की गई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बताया कि ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी की समस्या को ध्यान में रख केंद्र सरकार नई नीति ला रही है।
नितिन गडकरी ने बताया है कि कोर्ट के मार्गदर्शन, विशेषज्ञों के सुझावों, जनता की सुरक्षा के मानकों को ध्यान में रखते हुए नीति बनाई जा रही है। इस मामले में उपराज्यपाल से भी बात की गई है। ई-रिक्शा चालकों के लिए काउंसलिंग कैंप का आयोजन किया जाएगा।
जनसेवा दिवस के रूप में मोदी का जन्मदिन
प्रदेश भाजपा ने यह तय किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिवस जनसेवा दिवस के रूप में मनाया जाएगा। बुधवार को उनके जन्मदिवस के मौके पर जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के लिए पांच ट्रक राहत सामग्री भेजी जाएगी। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त प्रयास से 200 डॉक्टर व 400 पारा मेडिकल स्टाफ जम्मू-कश्मीर जाकर सेवा करेंगे।