फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छात्रों का राजनीतिक दुरुपयोग कर रहे केजरीवाल : भाजपा

Wed, 30 Jan 2019 06:40 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
केजरीवाल
विज्ञापन

भाजपा ने आम आदमी पार्टी पर स्कूलों में चुनावी सभा आयोजित करने का आरोप मढ़ा है। इस तरह से दिल्ली के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों का राजनीतिक दुरुपयोग करने की कोशिश की जा रही है। इसी उद्देश्य से आम आदमी पार्टी ने स्कूलों के अभिभावकों का पूरा डाटा इकट्ठा किया है, ताकि चुनाव में इस डाटा का बेहतर उपयोग किया जा सके। इसके साथ ही भाजपा ने आप विधायकों का लोकपाल के समक्ष संपत्ति व व्यय का विवरण जमा नहीं करने पर भी घेरा है। 

विज्ञापन


प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी व विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने मंगलवार को संयुक्त रूप से प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा कि आप के आंतरिक सर्वे में मुख्यमंत्री केजरीवाल को पता चला है कि स्कूली छात्रों के जिन अभिभावकों का वे डाटा एकत्र कर रहे थे, वे सभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगामी चुनाव में मतदान करने वाले हैं।

इससे वे बुरी तरह हताश हो गए हैं। ऐसे में वे स्कूलों में सभा कर मासूम बच्चों पर दबाव डालकर कह रहे हैं कि वे अपने अभिभावकों को मोदी के खिलाफ मतदान करने के लिए कहें।  उन्होंने कहा कि स्कूलों को चुनाव प्रचार का अड्डा नहीं बनाना चाहिए। तिवारी ने यह भी कहा कि 4 वर्षों के कार्यकाल में आप सरकार ने एक भी नया स्कूल नहीं बना। अब 4 साल बाद स्कूलों में 11000 कमरों का शिलान्यास किया जा रहा है। अध्यापकों की नियुक्ति हुई नहीं तो इन कमरों में पढ़ाएगा कौन, इसका जवाब उनके पास नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

लोकपाल से क्यों दूर भाग रहे आप विधायक : विजेंद्र
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि लोकपाल के समक्ष संपत्ति और व्यय के विवरण भी आप के विधायक जमा करने को तैयार नहीं है। उन्होंने पूछा है कि पारदर्शिता व सार्वजनिक जीवन में खुलेपन की दुहाई देने वाले मुख्यमंत्री लोकायुक्त के समक्ष ब्यौरा जमा कराने से क्यों दूर भाग रहे हैं? लोकायुक्त के समक्ष सफाई क्यों नहीं दी? आम आदमी पार्टी का पक्ष लोकायुक्त के सामने क्यों नहीं रखा? आखिरकार लोकायुक्त से भागने के पीछे उनकी क्या मंशा है? उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रहस्यमय ढंग से इस मुद्दे पर क्यों चुप्पी साधे हुए हैं।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें