मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि जिस समाज में वृद्धाश्रमों की संख्या बढ़ती है, वह समाज अपने बुजुर्गों का ख्याल नहीं रख पा रहा है। जबकि भारतीय संस्कृति अपने बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करने की सीख देती है। अरविंद केजरीवाल शनिवार को वजीरपुर में एक वृद्धाश्रम का उद्घाटन करते वक्त बोल रहे थे।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज इस आश्रम को शुरू करते वक्त खुशी भी हो रही है और दुख भी। अभी एक बुजुर्ग महिला ने बातचीत में बताया कि वह अपने बेटे के साथ रहना चाहती हैं, लेकिन बेटा उनको अपने साथ नहीं रखना चाहता। केजरीवाल ने कहा कि अगर हम अपने मां-बाप को साथ नहीं रख सकते तो हमसे खराब इंसान कोई नहीं है। बेशक वह कैसे भी हों।
केजरीवाल ने सवाल किया कि जब हम पैदा होते हैं तो मां-बाप थोड़े देखते हैं कि बच्चा कैसा है? वह अपना पेट काटकर हमारी परवरिश करते हैं। लेकिन जब हम बड़े हो जाते हैं तो उनको अपने से दूर कर देते हैं। यह तो पश्चिमी देशों में होता है, भारत की परंपरा को बुजुर्गों का सम्मान करने की सीख देती है।
अरविंद केजरीवाल ने वायदा किया कि अगली बार सरकार बनने पर इसके लिए बड़े स्तर पर योजना बनेगी। सरकार अपने बुजुर्गों का ख्याल रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वह वक्त मिलने पर कुछ समय वृद्धाश्रम में गुजारें। घर में अपने मां-बाप की सेवा करें और यहां बुजुर्गों का सम्मान करें। खुद अपने माता-पिता की सेवा करने की बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जो लोग, समाज व देश अपने बुजुर्गों की सेवा नहीं करते वह कभी भी तरक्की नहीं कर सकते।
36 लोगों की है क्षमता
अरविंद केजरीवाल ने बताया कि वजीरपुर के नए वृद्धाश्रम की क्षमता 36 लोगों की है। यहां उनको रहने, खाने से लेकर सारी सुविधाएं मिलेंगी। इससे उनका बुढ़ापा आराम से कट जाएगा।