फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Arvind Kejriwal: कैसे अनपढ़ों जैसी बात कर रही है हमारी सरकार? NEET पर केंद्र के इस फैसले पर भड़के केजरीवाल

Sat, 30 May 2026 01:41 PM IST
Vijay Singh Pundir डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली

सार

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा, ' नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाज इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रुकेगा? कैसे अनपढ़ों जैसी बात कर रही है हमारी सरकार?'
विज्ञापन
Arvind Kejriwal - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नीट-यूजी 2026 की फजीहत के बाद केंद्र सरकार अब परीक्षा प्रणाली को फौजी कवच देने की तैयारी में है। पेपर लीक से हुई किरकिरी के बाद 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए प्रश्न पत्रों की सुरक्षा का जिम्मा सेना के हवाले किया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार परीक्षा के प्रश्नपत्रों को सुरक्षित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के विमानों का इस्तेमाल करने के विकल्प पर विचार कर रही है। इस फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है।

विज्ञापन


अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, ' नीट में पेपर लीक रोकने के लिए वायु सेना के जहाज इस्तेमाल किए जाएंगे। क्या इससे पेपर लीक रुकेगा? कैसे अनपढ़ों जैसी बात कर रही है हमारी सरकार? इनकी नीयत ही नहीं है पेपर लीक रोकने की। देश की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह माफिया के चंगुल में आ चुकी है। इसे ठीक करना है तो सबको मिलके कुछ करना होगा। अकेले किसी के कुछ करने से नहीं होगा।'
विज्ञापन


सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस बार किसी भी कीमत पर दूसरी चूक का जोखिम नहीं लेना चाहती। इसी वजह से गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ के आवास पर उच्चस्तरीय बैठक हुई, जिसमें पेपर सेटिंग से लेकर प्रिंटिंग, ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और परीक्षा केंद्रों तक प्रश्नपत्रों की सुरक्षित आपूर्ति के पूरे नेटवर्क पर विस्तार से मंथन हुआ। सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी शुरू कर दी है। 40 मिनट चली बैठक में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह, पीएमओ और शिक्षा मंत्रालय के चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन


सरकार को आशंका है कि प्रश्नपत्रों की पारंपरिक ढुलाई और भंडारण व्यवस्था में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर संगठित गिरोह सक्रिय हुए। इसी कारण अब सुरक्षा ढांचे को सैन्य अनुशासन और बहुस्तरीय निगरानी से जोड़ने की रणनीति पर काम हो रहा है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें