एम्स दुनिया में सबसे ज्यादा सालाना सर्जरी करने वाला संस्थान बन गया है। पिछले एक वर्ष के दौरान अस्पताल में 1.94 लाख से भी ज्यादा मरीजों के ऑपरेशन किए गए। जबकि दुनिया में 10 हजार बिस्तरों की क्षमता के साथ सबसे बड़े अस्पताल का दावा करने वाले ताइवान के चांग गंग मेमोरियल अस्पताल में औसतन 1.67 लाख सर्जरी की जा रही है। अभी तक ताइवान और चीन के दो बड़े अस्पताल सबसे ज्यादा सर्जरी का दावा करते हैं। हालांकि, अब एम्स में उनसे कई हजार ज्यादा सर्जरी रिकॉर्ड की गई है। आने वाले दिनों में एम्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी कई रिकॉर्ड बनाने की राह पर है।
एम्स अगले वर्ष के दौरान बिस्तरों की क्षमता में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा अस्पताल बन सकेगा। इसकी शुरुआत जनवरी 2019 में हरियाणा के बाढ़सा स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान से होगी। यहां मरीजों के भर्ती शुरू होते ही एम्स के खाते में 710 बिस्तर जुड़ जाएंगे। एम्स के ऑपरेशनों में नेत्र केंद्र, कैंसर, कार्डियो, न्यूरो और ट्रामा के मरीज शामिल हैं। एम्स के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा बताते हैं कि भारतीय चिकित्सा संस्थान बेहतर कर रहे हैं, लेकिन अन्य देशों की तुलना में अभी भी काफी पीछे हैं।
ताइवान, चीन और अमेरिकी देशों में काफी सर्जरी होती है। हालांकि पिछले कुछ समय से दिल्ली एम्स में भी सर्जरी काफी तेजी से बढ़ी हैं। डॉ. मिश्रा का कहना है कि एम्स के मास्टर प्लान में बिस्तरों की क्षमता 6 हजार तक पहुंचाने की योजना है। ये योजना समय पर पूरी होती है तो 4300 बिस्तरों वाले सिचुआन विश्वविद्यालय का पश्चिमी चीन मेडिकल सेंटर को एम्स पीछे छोड़ देगा। साथ ही सरकारी अस्पतालों की सूची में सबसे बड़ा हो जाएगा।