14 साल पहले भारत आई एक अफगान महिला की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद उम्मीदें जगी हैं। इस मामले में सेना के एक वरिष्ठ चिकित्सक पर दुष्कर्म के आरोप का मुकदमा चलेगा। महिला ने दावा किया कि आरोपी ने अपनी पहली शादी को छिपाकर उससे काबुल में शादी रचाई थी।
32 वर्षीय महिला ने अपनी शिकायत में दिल्ली की एक अदालत के समक्ष दावा किया कि सेना के मेजर ने काबुल के इंदिरा गांधी अस्पताल में अपनी पोस्टिंग के दौरान 2006 में इस्लामी रिवाज से उससे शादी की। उस वक्त उम्र केवल 16 साल और दो महीने थी। उसने तर्क दिया कि या तो उसे उसकी वैध पत्नी का दर्जा मिले या मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
शिकायत में कहा गया है कि शादी के बाद अफगानिस्तान की राजधानी में किराए के मकान में पति-पत्नी के रूप में रहने लगे। कुछ हफ्तों के बाद अधिकारी नौकरी से संबंधित किसी काम के सिलसिले में भारत चला गया, लेकिन काबुल नहीं लौटा। इसके बाद अधिकारी ने बताया कि वह पहले से ही शादीशुदा है और भारत में दो बच्चों के साथ रहते हैं। इसके बाद उसने महिला या उनके रिश्तेदारों का फोन उठाना भी बंद कर दिया।
शिकायत में महिला ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में वह भारत आई और अधिकारी के खिलाफ घरेलू हिंसा का मामला दर्ज कराया। वह दिल्ली उच्च न्यायालय सहित अलग- अलग अदालतों में दोबारा ट्रायल कोर्ट में इस मामले की निवारण की मांग की। हाल ही में एक अदालत के एक मजिस्ट्रेट ने एक आदेश पारित किया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज किया है। सेना के डॉक्टर पर अब मुकदमा चलाया जाएगा।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट सोनिका ने कहा रिकॉर्ड से पता चलता है कि शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने उसके साथ यौन संबंध बनाए थे। आरोपी ने स्वीकार किया था कि उसकी शादी किसी दूसरे के साथ हुई थी। आदेश में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने अपने और आरोपी के बीच विवाह समारोह की वीडियो वाली सीडी रिकॉर्ड में रखी थी और इसकी सत्यता एफएसएल परीक्षा द्वारा स्थापित की गई थी।