लखनऊ से दिल्ली तक का सफर अप्रैल से फिर महंगा होने जा रहा है। पांच सौ किलोमीटर के दायरे में खुले सभी सात प्लाजा पर टोल का किराया बढ़ जाएगा।
हाईवे अथारिटी ने जो प्रपोजल तैयार किया है उसके मुताबिक सात से दस फीसदी की बढ़ोत्तरी होनी है। इस महीने के अंत में परिवहन मंत्रालय द्वारा नई रेट लिस्ट का बाकायदा बुलेटिन जारी किया जाना है।
अगर लखनऊ से दिल्ली तक की बात करें तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुल सात प्लाजा हैं। दो प्लाजा तो लखनऊ परिक्षेत्र में ही पड़ते हैं जबकि पांच टोल बरेली से गाजियाबाद तक तैयार फोरलेन पर हैं।
फोरलेन पर बरेली में थिरिया खेतल और मुरादाबाद में नियामतपुर इकरोटिया पर तो प्लाजा जनवरी में ही शुरू हुए थे। अब चार महीने के बाद फिर दोनों पर टोल का किराया बढ़ जाएगा।
बरेली से गाजियाबाद के डासना प्लाजा की दूरी 240 किलोमीटर है। इस बीच में बरेली के थिरिया खेतल, मुरादाबाद के नियामतपुर इकरोटिया, जोया, गढ़मुक्तेश्वर और डासना प्लाजा पर टोल की वसूली की जाती है।
बरेली से दिल्ली तक ही अगर कोई अपनी कार से जाता है तो उसे एक तरफ से करीब 310 रुपये का टोल देना होता है। दोनों साइड से करीब 600 रुपये खर्च होते हैं।
लेकिन अब पहली अप्रैल से ही यह खर्च साढ़े सात सौ रुपये से भी अधिक का हो जाएगा। हाईवे अथारिटी के अफसरों का कहना है आमतौर पर हर वर्ष अप्रैल माल में टोल का किराया बढ़ जाता है।
इससे पहले परिवहन मंत्रालय पूरा सर्वे कराता है। हर टोल पर आने जाने वाले वाहनों की गणना कराई गई थी। सभी जगह वाहनों की संख्या में बड़ी तेजी के साथ इजाफा हुआ है। पहली अप्रैल से टोल वसूली की नई रेट लिस्ट जारी कर दी जाएगी।
अभी भी आधा अधूरा है फोरलेन
बरेली से हापुड़ तक तैयार फोरलेन अभी भी अधूरा है। बरेली से मुरादाबाद तक भी कई जगह अड़चनें आ रही हैं।
मुरादाबाद में ही मूंढापांडे और दलपतपुर में रफ्तार का यह प्रोजेक्ट फंसा हुआ है। चौड़ीकरण के लिए रास्ता ही नहीं मिल पा रहा है। मुरादाबाद से हापुड़ के बीच में भी कई जगह अवरोध आ रहा है।