अब तक लगभग 463 करोड़ रुपये की परियोजनाएं हुईं स्वीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली सरकार ने राजधानी के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में हाईटेंशन (एचटी) और लोटेंशन (एलटी) बिजली लाइनों की शिफ्टिंग और उन्हें भूमिगत करने के प्रस्तावों को मंजूरी दी है। ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने इसे सार्वजनिक सुरक्षा, सुदृढ़ बिजली तंत्र और दिल्ली के सौंदर्यीकरण की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए इन प्रस्तावों को स्वीकृति दी है।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक लगभग 463 करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की जा चुकी हैं। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों की 125 बस्तियों और स्थानीय इलाकों में करीब 267.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं चांदनी चौक क्षेत्र की 26 सड़कों पर लगभग 159.47 करोड़ रुपये की लागत से बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। वर्ष 2025 में भी ओवरहेड लाइनों को भूमिगत करने के लिए 15 प्रस्तावों को 37.63 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शालीमार बाग के बीएच ब्लॉक और जनकपुरी के सी-4 ईस्ट ब्लॉक में ओवरहेड तारों को भूमिगत करने का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है। इस मॉडल को अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। सूद ने कहा कि सरकार वर्ष 2030 तक के लिए पावर सिस्टम का व्यापक मास्टर प्लान तैयार कर चुकी है। इसके तहत अगले तीन वर्षों में लगभग 17,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड और डिस्कॉम के माध्यम से किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि इन परियोजनाओं से घनी आबादी वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं में कमी आएगी और नागरिकों को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय तथा आधुनिक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।