दिल्ली सरकार ने बुधवार को पहली व्यय वित्त समिति की बैठक में यमुना की सफाई और संरक्षण के लिए अलग-अलग 27 जगहों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण को मंजूरी दी है। इसमें 3140 करोड़ की लागत से एसटीपी, टर्मिनल एसपीएस, दिल्ली गेट पर एक 10 एमजीडी एसटीपी का निर्माण और रखरखाव के काम होंगे। साथ ही, 27 एसटीपी के अधीन सीवर लाइन उपलब्ध कराना, घरों में सीवर कनेक्शन और उनसे जुड़े तकनीकी कार्य भी किए जाएंगे।
सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में मंत्री प्रवेश वर्मा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा व डॉ. पंकज सिंह और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। इन एसटीपी के माध्यम से दिल्ली की अधिकांश कॉलोनियों में बढ़ते जल प्रदूषण, दुर्गंध और भूमिगत जलस्तर में गिरावट से मुक्ति मिलेगी। साथ ही, इन प्लांट का निर्माण उपलब्ध जगहों पर कम लागत से होगा। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी गंदा पानी बिना शोधन के यमुना में न गिरे।
सीएम ने कहा कि यमुना का पुनरुद्धार केवल एक पर्यावरणीय लक्ष्य नहीं, बल्कि भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी है, जिसे हम गंभीरता एवं तत्परता के साथ निभा रहे हैं। यमुना दिल्ली की जीवनदायिनी धरोहर है। इसकी सफाई और संरक्षण को लेकर दिल्ली सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सरकार ने यमुना की सफाई के लिए बहुपक्षीय व चरणबद्ध कार्ययोजना बनाई है। यह एसटीपी टेंडर होने के बाद 18 माह के भीतर बना लिए जाएंगे।
वाजिदपुर ठकरान, मुंडका, नरेला, बवाना, औचंदी, ताजपुर खुर्द, कंझावला, मजरी, घेवरा गांव, जौनापुर, बिजवासन, सलाहपुर, पंजाब खोर, कुतुबगढ़, टीकरी कलां, मोहम्मदपुर मजरी, निजामपुर, जौंती, बवाना आदि जगहों में एसटीपी बनेंगे।
परिवहन प्रणाली होगी और सशक्त
दिल्ली की परिवहन प्रणाली को और सशक्त करने के लिए द्वारका के डीटीसी, आईएसबीटी और क्लस्टर बस डिपो में पूरी तरह से इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग के लिए पावर इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना को मंजूरी दी गई है। 107.02 करोड़ की लागत से ई-बसों की चार्जिंग के लिए बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड की ओर से सेक्टर-22 द्वारका के क्लस्टर डिपो-1 व 2, सेक्टर-22 द्वारका के आईएसबीटी और सेक्टर-8 द्वारका के डीटीसी डिपो में चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। इस परियोजना से दिल्ली की पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा को हरित और सदृढ़ बनाया जाएगा।