संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े मामले में संपत्ति की कुर्की के आदेश के खिलाफ यहां अपील की जा सकती है। अदालत ने कहा कि यूएपीए की धारा 25(6) के तहत विशेष अदालत का आदेश अंतरिम नहीं, बल्कि अंतिम आदेश होता है। न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर दुडेजा की पीठ ने अकील अहमद की अपील पर यह फैसला दिया। अकील ने पटियाला हाउस कोर्ट के सितंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी थी। पटियाला हाउस कोर्ट ने पुणे के अशरफ नगर, कोंढवा में स्थित संपत्ति की कुर्की के खिलाफ उनकी अपील खारिज कर दी थी।
एनआईए ने हाईकोर्ट में इस अपील की सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति जताई थी। एजेंसी के अनुसार, यूएपीए में आतंकवाद से हुई आय से जुड़ी संपत्ति की जब्ती, कुर्की और उसे जब्त करने की पूरी प्रक्रिया दी गई है। एनआईए ने यह भी कहा कि विशेष अदालत के आदेश के खिलाफ दोबारा अपील की अनुमति देने से दूसरा मौका मिल जाएगा। हाईकोर्ट ने एनआईए की दलील को खारिज कर दिया। पीठ ने कहा कि यूएपीए में संपत्ति की कुर्की और उसे जब्त करना अलग-अलग चरण हैं। केवल कुर्की होने से संपत्ति अपने आप जब्त नहीं हो जाती। मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 2 दिसंबर की तारीख तय की है।