तावड़ू खंड के विभिन्न स्कूलों में बुधवार को स्व. पूर्व राष्ट्रपति डा. एपीजे अब्दुल कलाम को उनकी पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर कलाम के देश हित में किए गए योगदान पर भी प्रकाश डाला गया। इस मौके पर गांव के गण्यमान्य लोग भी मौजूद रहे।
गांव छारौड़ा, चाहलका, खोरी आदि गांवों के ग्रामीणों और स्कूल के शिक्षकों ने साथ मिलकर पूर्व राष्ट्रपति को श्रद्धांजलि दी। मास्टर राजकुमार ने कलाम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए स्कूल बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि डॉ. कलाम के जीवन से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए।
उनकी यादें व देश के लिए समर्पित उनका जीवन हमेशा याद रखा जाएगा। अध्यापक राजेश कुमार ने कहा कि जिन कठिनाइयों व परिस्थितियों से जूझते हुए एक गरीब घर का बच्चा देश के सर्वोच्च पद पर विराजमान हुआ, उससे हम सबको सीख लेनी चाहिए।
कलाम साहब ने कहा था कि अगर किसी देश को भ्रष्टाचार मुक्त और खूबसूरत विचारों वाला राष्ट्र बनना है, तो इसमें तीन लोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। वह हैं मां, बाप और बाप व शिक्षक। उन्होंने कहा कि कलाम साहब की याद को हमेशा जिंदा रखने के लिए केन्द्र व प्रदेश सरकार को अधिक संख्या में शिक्षण संस्थान स्थापित करने चाहिए। इस अवसर पर खोरी कलां स्कूल के बच्चों को कापी पैन भी वितरित किए गए।
समाज सेवी तालिब हुसैन चाहलका ने कहा कि मरहूम कलाम साहब ने जीवन भर केवल ज्ञान बांटने का काम किया और 83 वर्ष की आयु में वह ज्ञान बांटते ही हमारे बीच से चले गए। उन्होंने कहा की जिस महान हस्ती ने अपने देश का पूरी दुनिया में लोहा मनवाया हो सरकार ऐसी हस्ती को भूल गई है। उनकी पुण्यतिथि पर सरकार खामोश है। वहीं मेवात डेवलपमेंट सोसायटी कार्यालय छारौड़ा में भी मरहूम पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर स्कूलों के शिक्षक व गण्यमान्य लोग मौजूद रहे।
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