राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद हुए ताबड़तोड़ एनकाउंटरों के बाद अपराधी जेल को सुरक्षित ठिकाना मानने लगे थे। अपराधी जेल से बाहर आने में घबराने लगे थे। ऐसे में बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद जेल में बंद बदमाशों में घबराहट है। अधिकांश जेल में एक दूसरे विरोधी बदमाश मौजूद हैं। लुकसर जिला कारागार भी इससे अछूता नहीं है।
गौतमबुद्ध नगर जिले में सुंदर भाटी और अनिल दुजाना का बड़ा गिरोह है जिसका नेटवर्क पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। दोनों गैंग एक दूसरे के विरोधी हैं। कई बार दोनों में गैंगवार भी हुआ है। यही वजह है कि दोनों को गौतमबुद्ध नगर जिला कारागार में न रखकर दूसरे जिले की जेलों में रखा गया है। हालांकि दोनों गिरोह में सदस्य लुकसर जेल में बड़ी संख्या में मौजूद हैं।
लुकसर जेल के सूत्रों का कहना है कि यहां दो सर्किल हैं। दोनों गिरोह में रंजिश के चलते ही अलग-अलग सर्किल में रखा गया है। जेल में सुंदर भाटी गिरोह के सदस्यों की संख्या काफी अधिक है। इनमें सुंदर भाटी के कुछ परिवार के भी लोग हैं। इन सक्रिय सदस्यों की संख्या लगभग 30 बताई गई है। इसके अलावा इतने ही ऐसे लोग हैं, जो विभिन्न कारणों से गिरोह से जुड़ गए हैं।