"मैं गोवा जा रहा हूं, मुझे कुछ दिन तक परेशान मत करना।" बहन स्वाति को अनुरूप के मोबाइल से हिंदी में भेजे गए इस मैसेज ने स्वाति के शक की सीमा को बढ़ा दिया। मैसेज के कारण अनुरूप हत्याकांड का राज खुला।
किसी को शक न हो इसके लिए आरोपियों ने अनरूप के मोबाइल से ही उसके परिवार को मैसेज भेजा था। इसके अलावा कैंटीन स्टाफ को भी मैसेज किया। बहन ने पुलिस को बताया कि अनुरूप कभी भी हिंदी में मैसेज नहीं करता था।
स्वाति ने अपने दोनों भाइयों पवन और राहुल से अनुरूप का पता लगाने के लिए कहा। अनुरूप का मोबाइल नंबर बंद आ रहा था। उसके मैसेज के पांच दिन बाद 23 फरवरी को द्वारका नॉर्थ थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। 25 फरवरी को जांच में एंटी नारकोटिक्स सेल को शामिल किया गया।
अनुरूप की पत्नी भी रहती थी अलग
इसके बाद हत्याकांड की साजिश से पर्दा उठा। अनुरूप परिवार से अलग द्वारका सेक्टर-14 में अकेला रहता था। दोनों भाइयों व पिता से इसकी बोलचाल नहीं थी। उसकी पत्नी भी अलग रहती थी। बस बहन स्वाति गुप्ता से उसकी बोलचाल थी।
अनुरूप छत्तीसगढ़ सदन में अपनी खुद की कैंटीन चलाता था। वहां मुख्य आरोपी हैप्पी व इसकी गर्लफ्रेंड राखी खाना खाने जाते थे। करीब एक साल पहले हैप्पी की अनुरूप से मुलाकात हुई। दोनों की दोस्ती हो गई। अनुरूप हाथ की 10 उंगलियों में अगूठियां, दोनों हाथ में ब्रेसलेट और मोटी सोने की चेन पहनता था।
हैप्पी ने शराब पीने के लिए घर बुलाया
इस पर हैप्पी को लालच आ गया। उसने अनुरूप से मेलजोल बढ़ा लिया। यहां तक वह मटियाला स्थित अपने घर पर अनुरूप को पार्टी के लिए बुलाने लगा। 18 फरवरी को भी हैप्पी ने शराब पीने के लिए अपने घर बुलाया।
हैप्पी को यकीन था कि वह अनुरूप को लूटकर उसकी हत्या कर देंगे। लेकिन उस दिन वह न तो कार लेकर आया और पहने हुए जेवरात भी गाड़ी में उतारकर आ गया। इस बात पर हैप्पी बेहद नाराज हुआ। लूटपाट में उसने अपने दोस्तों भूपेंद्र, बलराम, नीरज और राखी को शामिल किया था।
अनुरूप के आते ही उसके हाथ-पैर बांध दिए गए। उससे सोने का सामान और कैश की डिमांड की गई। मना करने पर अनुरूप को बुरी तरह पीटकर उससे कार की चाबी ले ली गई। बाद में सोने के जेवरात व अन्य सामान लूटकर आरोपियों ने अनरूप को डंडे से पीटा। इसके बाद उसकी चाकू से वारकर हत्या कर दी गई।
दिल्ली ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी
देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका में सोने के जेवरात पहनने का शौक एक युवक के लिए जानलेवा बन गया। अनरूप गुप्ता (48) के दोस्तों ने साजिश रचकर सोने के लिए उसकी जान ले ली। उसकी कार और हमेशा जो वह अपने शरीर पर पहने रहता था, उसके करीब 40 लाख रुपये के जेवरात लूट लिए गए।
आरोपियों ने शव को छह टुकड़ों में काटा और प्लास्टिक के तीन कट्टों में डालकर उसे वृंदावन, मथुरा के पास यमुना में ठिकाने लगाया था। ये बातें द्वारका जिले के एंटी नारकोटिक्स सेल के सामने आरोपियों ने कबूल की।
पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता और उसकी गर्लफ्रेंड समेत चार आरोपियों को दबोचा है। पुलिस नीरज नाम के एक फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतक की कार, कुछ जेवरात व अन्य सामान बरामद किए हैं।
मुख्य आरोपी की पहचान हांसी, हिसार, हरियाणा निवासी हैप्पी उर्फ सूरज (29) के रूप में हुई है। अन्य आरोपियों में इसकी गर्लफ्रेंड कापावार, देवरिया, यूपी निवासी राखी (21), राय, सोनीपत, हरियाणा निवासी भूपेंद्र (27) और बरहाना, झज्जर, हरियाणा निवासी बलराम (28) के रूप में हुई है। इनसे पूछताछ जारी है।