इधर, भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी कश्मीरी पंडितों को विस्थापित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों के विस्थापित के लिए यह सही समय है। वे न केवल समय बल्कि जीवन में सब कुछ खो चुके हैं। वे जिस हालात से गुजरे उसके लायक नहीं थे लेकिन अब उन्हें उम्मीद है।
बता दें कि घाटी में रहने वाले कश्मीरी पंडित समुदाय के लिए 19 जनवरी प्रलय का दिन माना जाता है, क्योंकि वर्ष 1990 में हालात बिगड़ने के कारण इसी तारीख में कश्मीरी पंडित समुदाय ने कश्मीर घाटी से पलायन करना शुरू कर दिया था।
मई 1990 तक करीब पांच लाख कश्मीरी पंडित जान बचाने के लिए अपनी मातृभूमि को छोड़ कश्मीर से पलायन कर चुके थे, जो स्वतंत्रता के बाद भारत का सबसे बड़ा पलायन माना जाता है। इसी के चलते हर वर्ष 19 जनवरी को जहां कहीं भी कश्मीरी पंडित रहते हैं, वहां वह इस तारीख को ‘होलोकॉस्ट/एक्सोडस डे’ (प्रलय/बड़ी संख्या में पलायन की तारीख) के तौर पर मनाते हैं।