बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के समर्थन में शनिवार को पांच हजार से अधिक शरणार्थी जंतर-मंतर पहुंच गए। ये पदयात्रा कर भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देने के लिए भाजपा मुख्यालय तक जाना चाह रहे थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें रोके रखा और बाद में यहीं से लौटा दिया।
शरणार्थियों का कहना था कि ये सभी पाकिस्तान से आकर दिल्ली और हरियाणा के तमाम स्थानों पर लंबे समय से रह रहे हैं। शनिवार को सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक व दिल्ली के तमाम स्थानों से शरणार्थी 50 बसों में भरकर दक्षिणी दिल्ली स्थित भाटी माइंस की संजय कॉलोनी पहुंचे थे।
शरणार्थियों के इस हुजूम की अगुवाई भारतीय ऑड समाज सेवा संघ (बीओएसएसएस) कर रहा था। संघ के सदस्य नेमचंद ने कहा कि सरकार को अब शरणार्थियों के फार्म भराकर नागरिकता देनी शुरू कर देनी चाहिए।