सीएए-एनआरसी के विरोध में करीब दो माह शांत रहा माहौल रविवार को बिगड़ गया। रविवार के बाद सोमवार सुबह भी एहतियात के तौर पर मौजपुर और बाबरपुर मेट्रो स्टेशन बंद किए गए हैं। यहां कोई ट्रेन नहीं रुक रही है। वहीं आज शाहीन बाग जाने वाले रास्तों को खोलने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई।
सुबह करीब 10 बजते ही सीएए विरोधी महिलाओं ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर एक तरफ का रास्ता बंद कर दिया। धीरे-धीरे सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, वेलकम और कर्दमपुरी से भी महिलाएं वहां जुटने लगीं। भारी संख्या में युवक भी वहां पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। दोपहर तक वहां भारी भीड़ जुट गई थी। इसी बीच, भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने सीएए के समर्थन में दोपहर तीन बजे मौजपुर लालबत्ती पर धरना देने का आह्वान कर समर्थकों से वहां जुटने का आह्वान कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग एकजुट होने लगे। उनके साथ कपिल मिश्रा भी धरने पर बैठ गए। शाम करीब चार बजे भीम सेना के कुछ समर्थक नारेबाजी करते हुए वहां से गुजर रहे थे। इनके साथ कपिल समर्थकों की कहासुनी हो गई जो हाथापाई में बदल गई। भीम सेना के समर्थकों को पीटने के साथ ही उनकी गाड़ी तोड़ दी गई।
दयालपुर इलाके में रविवार देर शाम मामूली कहासुनी पर दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पथराव शुरू कर दिया। बवाल के दौरान एक कार और तीन ऑटो में आग लगा दी गई। साथ ही, कई दुकानों में भी तोड़फोड़ की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उपद्रव की सूचना पुलिस को तत्काल दी गई थी। इसके बावजूद काफी कम संख्या में पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। उपद्रवियों की भारी संख्या के कारण वे एक किनारे खड़े होकर मूकदर्शक बने सब देखते रहे। कुछ देर बाद अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों पर आंसू गैस के गोले छोड़कर उन्हें तितर-बितर किया।