हाईकोर्ट ने तंदूर कांड मामले में दोषी सुशील शर्मा को तिहाड़ जेल से समय से पहले रिहाई के मुद्दे पर जवाब दाखिल न करने पर सरकार के प्रति नाराजगी जताई है। अदालत ने सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए अंतिम मौका प्रदान किया है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि सरकार ने अब भी याची सुशील की समय से पहले रिहाई संबंधी आवेदन को खारिज करने का आधार नहीं बताया तो अगली सुनवाई में गृह विभाग के उप सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। अदालत ने मामले की सुनवाई 20 सितंबर तय की है।
अदालत ने इससे पहले भी सरकार को निर्देश दिया था कि शर्मा मामले में उपराज्यपाल द्वारा लिए गए निर्णय को पेश करने का निर्देश दिया था। दिल्ली सरकार ने पहले बताया था कि सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) का निर्णय उपराज्यपाल के अनुमोदन के अधीन है।