फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली में बोले अन्ना, प्रधानमंत्री के पास पत्रों का जवाब देने का समय नहीं

Tue, 03 Oct 2017 12:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
अन्ना हजारे - फोटो : ANI
विज्ञापन
अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार पर लोकपाल कानून को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने साथ ही तंज कसा कि प्रधानमंत्री के पास उनके जैसे साधारण व्यक्ति के पत्रों का जवाब देने का समय नहीं है।
विज्ञापन


पत्रकारों से वार्ता में अन्ना ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार मिटाने के लिए कुछ भी नहीं किया। यहां तक कि बीते साल जुलाई में लोकपाल व लोकायुक्त कानून की धारा 44 में संशोधन करके अधिकारियों के पारिवारिक सदस्यों की संपत्ति की जानकारी देने के प्रावधान को हटा दिया गया।

हैरानी की बात यह है कि इसके लिए संसद में बहस तक नहीं हुई। उल्टे संशोधन ही प्रभावी कर दिया गया। हालांकि तीन साल में सरकार लोकपाल की नियुक्ति नहीं कर सकी है। अन्ना ने आरोप लगाया कि इसी तरह दूसरे कानून भी बनाए गए, जिनसे भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलता है।
विज्ञापन


अन्ना हजारे ने कहा कि इसीलिए वह बेहद दुखी मन से दोबारा आंदोलन शुरू करने जा रहे हैं। इसकी रणनीति तैयार करने के लिए 7 व 8 अक्तूबर को कार्यकर्ताओं की बैठक रालेगण सिद्धि गांव में होगी। इस साल के आखिर तक भ्रष्टाचारमुक्त भारत के लिए दिल्ली से आंदोलन शुरू होगा।

प्रधानमंत्री के जवाब की प्रतीक्षा किए बिना आंदोलन शुरू करने की चेतावनी पर अन्ना ने कहा कि पिछले तीन साल में उन्होंने कई पत्र लिखे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के पास उन जैसे सामान्य आदमी के पत्रों का जवाब देने का वक्त नहीं है। वह बड़े-बड़े लोगों व उद्योगपतियों को शायद जवाब देते होंगे।

केजरीवाल पर भड़के अन्ना
अन्ना हजारे ने अपने पूर्व सहयोगियों को भी कटघरे में खड़ा किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बारे में उनका कहना था कि पहली बात तो यह कि केजरीवाल मुझे पूछेंगे नहीं और अगर बात भी की तो वह उनसे पांच कदम की दूरी बनाए रखेंगे। अन्ना हजारे ने कहा कि लोकपाल का इतना बड़ा आंदोलन हुआ। उसमें शामिल लोग मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल व केंद्रीय मंत्री बन गए, लेकिन सबने जनलोकपाल कानून को ताक पर रख दिया।

अन्ना ने कहा कि इस बार ऐसी गलती से बचने के लिए आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों से बांड भरवाया जा रहा है। इसमें उनको शपथ दिलाई जा रही है कि वह आंदोलन का फायदा लेकर राजनीति में कभी शामिल नहीं होंगे। अन्ना ने चेतावनी दी कि कोई ऐसा करता है कि तो उसके खिलाफ अदालत में मामला दर्ज कराएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें