फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AAP की दो प्रमुख नेत्रियों ने दिया इस्तीफा

विज्ञापन
विज्ञापन
दिल्ली में विधानसभा चुनाव कराने के लिए जी जान से जुटी आम आदमी पार्टी को एक बार फिर ऐन वक्त पर बड़ा झटका लगा है। आप की दो और प्रमुख नेत्रियों ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है।
विज्ञापन


लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद इस्तीफा देने वालियों महाराष्ट्र में आप की अगुवाई करने वाली अंजलि दमानिया व उनकी सहयोगी प्रीति शर्मा को उस वक्त तो केजरीवाल ने मना लिया था लेकिन एक बार फिर उनके इस्तीफा देने से पार्टी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

आप की संस्थापक सदस्य रहीं अंजलि दमानिया ने पार्टी में बढ़ रहे गतिरोध के चलते इस्तीफा दिया है। हालांकि अभी इस पूरे मामले की असली वजह सामने आना बाकी है। लेकिन अंजलि का इस्तीफा आप के लिए एक बड़ा झटका साबित होने वाला है।
विज्ञापन

केजरीवाल ने अंजलि को सौंपी थी बड़ी जिम्मेदारी

इसके पहले जुलाई महीने में भी दमानिया ने पार्टी से इस्तीफा दिया था। उनके साथ पार्टी की प्रमुख सदस्य प्रीति शर्मा ने भी केजरीवाल को अपना इस्तीफा सौंपा था। हालांकि उसके बाद पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में अंजलि दमानिया का इस्तीफा नामंजृर कर दिया गया था।

इस बारे में पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने खुद कहा था कि कुछ गलतफहमियों के चलते अंजलि ने इस्तीफा दिया था उन्हें दूर कर लिया गया है। अब नाराजगी जैसी कोई बात नहीं रही। यही नहीं उस वक्त केजरीवाल ने दमानिया की वापसी ऐलान के साथ यह भी कहा था कि वह पार्टी से इस्तीफा दे चुकीं शाजिया इल्मी को वापस लाने के लिए भी प्रयास करेंगी।

हालांकि ऐसा हो नहीं पाया और शाजिया ने केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए आप में वापसी से इंकार कर दिया।
विज्ञापन

जानिए, कौन हैं अंजलि दमानिया

अंजलि दमानिया आम आदमी पार्टी की महाराष्ट्र इकाई की संयोजक रही हैं। अंजलि ने लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काफी मेहनत की लेकिन उसका कोई परिणाम सामने नहीं आया। साथ ही पार्टी के भीतर बने कई गुटों और तमाम तरह के मतभेदों के चलते उन्होंने आप छोड़ने का मन बनाया था।

आरटीआई कार्यकर्ता रहीं अंजलि दमानिया का नाम सबसे पहले तब सुर्खियों में आया था, जब उन्‍होंने तत्कालीन बीजेपी अध्‍यक्ष नितिन गडकरी के खिलाफ महाराष्‍ट्र के सिंचाई घोटाले को दबाने का आरोप लगाया था। दमानिया का आरोप था कि शरद पवार से करीबी रिश्ते होने के चलते गडकरी ने इस घोटाले को दबा दिया।

बता दें कि वर्ष 2014 के आम चुनाव में आम आदमी पार्टी ने महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे लेकिन सभी सीटें गवां दी। चुनाव में अंजलि मयंक गांधी, मेधा पाटकर और विजय पंढारे समेत कई वरिष्ठ नेता चुनाव हार गए।

गडकरी के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली अंजलि को महज 69 हजार वोट मिले थे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें