कैबिनेट सब कमेटी द्वारा सात नए उपमंडल बनाने संबंधी प्रदेश सरकार को सौंपे गए प्रस्ताव में मेवात के तावडू का नाम न होने से मेवात में गुस्सा है। विपक्ष के नेताओं ने सरकार के इस फैसले को क्षेत्र की जनता के साथ धोखा बताया है।
तावडू को उपमंडल बनाने की मांग क्षेत्र की जनता करीब दो दशक से करती आरही है। मेवात के गठन के बाद से ही तावडू को जिला गुड़गांव में समायोजित करने की मांग भी क्षेत्र के लोग लगातार करते आ रहे हैं। भाजपा सरकार बनने से पहले पार्टी के नेताओं ने प्रदेश में भाजपा की सत्ता आने पर तावडू को पहली केबिनेट की बैठक में जिला गुड़गांव में समायोजित करवाने का क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाया था।
मुख्यमंत्री मनोहर लाल पिछले वर्ष सोहना में एक रैली को संबोधित करते हुए मंच से तावडू को उपमंडल का दर्जा देने की घोषणा कर चुके हैं। लेकिन बुधवार को कैबिनेट सब कमेटी द्वारा सरकार को सौंपे गए सिफारिश प्रस्ताव में तावड़ू की अनदेखी से लोगों में गुस्सा है। लोगों का कहना है कि सरकार ने तावडू के साथ धोखा किया है।
तावडू सोहना विधानसभा से कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ चुके रोहताश बेदी ने कहा कि भाजपा नेता झूठ की राजनीति करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा तावडू को जिला गुड़गांव में मिलाने पर पहले ही केबिनेट में मोहर लगा चुके थे।
उन्होंने कहा कांग्रेस इस मुद्दे पर जल्द अभियान चलाकर भाजपा की पोल खोलेगी। इनेलो नेता अख्तर अली का कहना है कि तावडू को जिला गुड़गांव में शामिल करने व उपमंडल बनाने के मुद्दे पर कांग्रेस व भाजपा दोनों राजनीति कर रहे हैं।