मेडिकल छात्रा अनन्या दीक्षित को इंसाफ दिलाने के लिए आज दिल्ली के जंतर मंतर पर कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। पूरे मामले को एक साल बीत गया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
एक साल बीतने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। परिजन इंसाफ के लिए भटक रहे हैं। इसको लेकर ही आज दिल्ली में शाम छह बजे से साढ़े सात बजे तक कैंडल मार्च जंतर मंतर से पार्लियामेंट तक निकाला जाएगा।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित श्रीराम मूर्ति स्मारक मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल में एमबीबीएस छात्रा ने 6 सितंबर को पंखे में दुपट्टे से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी।
छात्रा सुबह क्लास में पढ़ने गई लेकिन सहपाठियों से सिरदर्द की बात कहकर कमरे में लौट आई थी। फांसी लगाकर जान दे दी। घटना की जानकारी दोपहर में तब हुई जब स्वीपर के खटखटाने पर दरवाजा नहीं खुला था। गार्डों को बुलाया गया तो छात्रा फंदे पर लटकती मिली थी।
नोएडा के सेक्टर- 62 के गेल अपार्टमेंट में रहने वाले अनादि दीक्षित की इकलौती बेटी अनन्या दीक्षित ने पिछले साल 24 अगस्त को एक मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया था।
ananya dixit
अनन्या के पिता अनादि रिलायंस इंडस्ट्री में इंजीनियर हैं, जबकि मां एक प्राथमिक विद्यालय में टीचर हैं। अनन्या दोबारा 28 अगस्त को मेडिकल कॉलेज पहुंची थी, जहां उसे गर्ल्स हॉस्टल का कमरा नंबर 4 आवंटित किया गया था। कमरे में उसके साथ छात्रा नूपुर शर्मा और कुमारी हर्षिता भी रहती थीं।
6 सितंबर को सुबह 7.30 बजे अनन्या दीक्षित क्लास में पढ़ने के लिए गई थी, सहपाठियों के मुताबिक, करीब 7.45 बजे वह सिरदर्द की शिकायत करते हुए क्लास से बाहर आ गई। उसे नूपुर शर्मा और कुमारी हर्षिता ने आधे रास्ते तक छोड़ा था।
इसके बाद दोनों क्लास में लौट गईं। दोपहर करीब 12 बजे अनन्या की दोनों सहेलियां उसे लंच के लिए बुलाने उसके कमरे पर गईं तो खटखटाने के बावजूद दरवाजा नहीं खुला। दोनों वापस चली गईं।
करीब सवा बारह बजे स्वीपर रश्मि झाड़ू लगाने के लिए कमरे पर पहुंची। दरवाजा नहीं खुला तो उसने गार्ड को बताया। गार्ड रामराज और योगेंद्र सिंह पहुंचे। उन्होंने खिड़की का शीशा थोड़ा तोड़कर अंदर देखा तो अनन्या को दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका देखा।
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पुलिस ने मामला खुदकशी का मानकर पोस्टमॉर्टम कराया था, जबकि अनन्या के पिता नोएडा के सेक्टर 63 निवासी अनादि दीक्षित ने रैगिंग और अनन्या को कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रताड़ित करने के आरोप में भोजीपुरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अनादि को जब पता चला कि अनन्या से पहले भी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में नौ छात्रों की मौत हो चुकी है तो उन्होंने उनके अभिभावकों से संपर्क किया।
अनादि पुलिस के निष्पक्ष जांच न करने और कॉलेज प्रशासन का जांच में अपेक्षित सहयोग न मिलने पर मानवाधिकार आयोग, बाल संरक्षण आयोग और मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।