तीस हजारी अदालत ने अनाज मंडी में गत 8 दिसंबर को अग्निकांड की शिकार अवैध फैक्टरी के दोनों मालिकों और मैनेजर को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
मुख्य महानगर दंडाधिकरी अरुल वर्मा ने फैक्टरी मालिक रेहान, मैनेजर फुरकान और सह-मालिक मोहम्मद सोहेल को 4 जनवरी, 2020 तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के लिए हिरासत नहीं मांगी। इसलिए इन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
मजिस्ट्रेटी जांच की रिपोर्ट 15 दिन बाद भी नहीं
अनाज मंडी हादसे के 15 दिन बाद भी दिल्ली सरकार की मजिस्ट्रेटी जांच पूरी नहीं हो सकी है। अभी इसमें दस दिन और लगने का अंदेशा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बहुत बड़ा है। इसलिए इसमें समय लग रहा है। इस महीने के आखिर तक रिपोर्ट मिल सकती है।
इससे पहले, अनाज मंडी हादसे के बाद मौका मुआयना करने गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश देते समय इसके लिए हफ्तेभर का समय दिया था। सरकार ने इस दौरान रिपोर्ट तलब कर आगे की कार्रवाई की बात कही है। दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादसा बड़ा था। इसमें अलग-अलग एजेंसियों समेत प्रत्यक्षदर्शियों से बात की गई। अभी सबके बयान को पुष्ट किया जा रहा है।
उम्मीदन दस दिन में रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। सरकार के सूत्रों का कहना है कि दिल्ली सरकार हादसे पर मजिस्ट्रेट से जांच करा रही है। ऐसे में अभी किसी नई जांच कमेटी के गठन का कुछ खास मतलब नहीं बनता। मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट के आधार पर देखा जाएगा कि ऐसी कोई कमेटी बनाने की जरूरत है या नहीं।