रियल इस्टेट ग्रुप आम्रपाली ने आम लोगों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों से भी ठगी की है। आम्रपाली ग्रुप ने सरकारी कर्मचारियों के लिए नोएडा में आदर्श आवास योजना शुरू की थी। इस योजना के तहत फ्लैट के लिए सरकारी कर्मचारियों से करोड़ों रुपये ले लिए लेकिन किसी भी कर्मचारी को फ्लैट नहीं दिया।
दिल्ली पुलिस ने आदर्श आवास योजना को लेकर नई एफआईआर दर्ज की है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ अब तक कुल 20 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। पुलिस के पास आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ अब तक 2700 से ज्यादा शिकायतें मिल चुकी हैं।
ईओडब्ल्यू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आम्रपाली ग्रुप ने सरकारी कर्मचारियों के लिए भी आवासीय योजना शुरू की थी। यह योजना सेवानिवृत्त और कार्यरत सरकारी कर्मचारियों के लिए थी। ग्रुप ने वर्ष 2012 में सेक्टर-76, नोएडा में आदर्श आवास योजना शुरू की थी। इस प्रोजेक्ट के तहत में पांच टॉवर बनने थे और प्रत्येक टॉवर में 39 फ्लैट बनने थे।
सरकारी कर्मचारियों को दो, तीन, चार कमरों का फ्लैट देने का दावा किया गया था। मगर यह योजना शुरू ही नहीं हुई थी। पश्चिमी विहार, दिल्ली निवासी नरेश कुमार ने भी इस योजना में पैसे निवेश किए थे। ईओडब्ल्यू ने नरेश कुमार की शिकायत पर आम्रपाली ग्रुप के प्रमोटर्स के खिलाफ 20 वीं एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस योजना के तहत पैसा निवेश कर चुके और शिकायतकर्ता सामने आ रहे हैं। दिल्ली पुलिस की ईओडब्ल्यू में अब तक कुल 20 एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इनमें सभी एफआईआर में करीब 2700 से ज्यादा शिकायतकर्ता ईओडब्ल्यू के पास चुके हैं। पुलिस इस मामले में आम्रपाली ग्रुप के प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा, पदाधिकारी शिव प्रिया व अजय कुमार समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर चुकी र्हैं।