आम्रपाली समूह के सीएमडी अनिल शर्मा
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गिरफ्तार आम्रपाली समूह के सीएमडी अनिल शर्मा और दो निदेशक शिव-प्रिय व अजय कुमार पांच महीने से नोएडा पुलिस की निगरानी में थे। एक तरह से तीनों होटल में नजरबंद थे और कोर्ट के आदेश पर ही पुलिस उन्हें सुनवाई आदि के लिए ले जाया करती थी।
गुरुवार को भी नोएडा पुलिस की टीम तीनों को सुप्रीम कोर्ट में पेशी के लिए ले गई। वहां सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली अपराध अनुसंधान शाखा को गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए। इसके बाद नोएडा पुलिस की टीम सुप्रीम कोर्ट से वापस आ गई। 10 अक्तूबर 2018 से अनिल शर्मा व दोनों निदेशक नोएडा के सेक्टर-62 स्थित पार्क एसेंट होटल में रह रहे थे। रात में तीनों पुलिस की निगरानी में रुकते थे और सुबह आठ बजे कोर्ट के आदेशानुसार पुलिस तीनों को कोर्ट, दफ्तर या अन्य स्थानों पर ले जाती थी।
नोएडा में एक दर्जन से अधिक मुकदमे हैं दर्ज
नोएडा में बिसरख, थाना सेक्टर-58, 49 व 39 में आम्रपाली के खिलाफ दो दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। आम्रपाली के खिलाफ अकेले बिसरख थाना क्षेत्र में बीस हजार बायर्स की तरफ से 13 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। इन मुकदमों के बाद भी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने पर बायर्स ने सुप्रीम कोर्ट दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इन पर शिकंजा कस दिया।
इन प्रोजेक्ट के कागजात खंगाले गए
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नोएडा पुलिस की सहायता से फॉरेंसिक ऑडिटर ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा के सभी प्रोजेक्टों को खंगाला। पहले चरण में नोएडा के सेक्टर-45 स्थित सफायर (फेज-1 व 2), सेक्टर-50 स्थित हार्टबीट सिटी, सेक्टर-120 स्थित ईडन पार्क, जोडिएक, सेक्टर-119 प्लेटिनम और सेक्टर-76 स्थित सिलिकॉन व प्रिंसले से काफी दस्तावेज इकट्ठा किए गए थे। सभी दस्तावेज सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए।