सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आम्रपाली के खरीदारों में घर मिलने की आस जगी है। खरीदार काफी खुश हैं। इनका कहना है कि सबसे बड़ी दिक्कत फंड की थी, जो अतिरिक्त फ्लोर एरिया रेसियो (एफएआर) बेचने से दूर हो जाएगी। अभी तक फंड का इंतजाम नहीं होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। वहीं, जमीन की बकाया धनराशि पर ब्याज कम करने का लाभ आम्रपाली के अलावा अन्य प्रोजेक्टों के खरीदारों को भी मिलेगा। लंबे समय बाद लगा है कि न्याय जरूर मिलेगा।
ढाई साल से लड़ रहे हैं, काफी समय बाद उम्मीद जगी है। एनबीसीसी पर किसी भी कोर्ट में केस नहीं चलने पर काम जल्द शुरू होगा। ठेकेदार काम करने में रुचि लेंगे। जमीन की बकाया धनराशि पर ब्याज कम करने का लाभ आम्रपाली के साथ अन्य प्रोजेक्टों के खरीदारों को भी मिलेगा।- दीपांकर कुमार, वेरोना हाइट्स प्रोजेक्ट, आम्रपाली
अब लग रहा है कि इस साल निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। जब घर बुक किया था तो सोचा था कि तीन साल में अपना आशियाना होगा। लेकिन, इंतजार काफी लंबा हो गया। सुप्रीम कोर्ट का आदेश दर्शाता है कि बैंक और प्राधिकरण ने अपना दायित्व नहीं निभाया था। कोर्ट ने उसे पूरा किया है।- दीपक कुमार, रिवर व्यू प्रोजेक्ट, आम्रपाली
बैंक की ईएमआई लगातार दे रहे हैं। पिछले तीन साल से काम नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट निर्माण कार्य शुरू कराए और कब्जा देने की तारीख बताए। तभी एग्रीमेंट के हिसाब से पैसा देने को तैयार हूं। सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश तभी अच्छा साबित होगा।- मृत्युंजय कुमार, किंग्सवुड प्रोजेक्ट, आम्रपाली
10 साल से घर के इंतजार में ठोकरें खा रहे हैं। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से राहत मिली है। अतिरिक्त एफएआर बेचकर पैसा आएगा, जो निर्माण में इस्तेमाल हो सकेगा। चुनौतियां अभी बहुत ज्यादा हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है।- इंद्रिश गुप्ता, ड्रीमवैली प्रोजेक्ट, आम्रपाली