यूपी रेरा ने ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) और कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) के अभाव में अटकी फ्लैटों की रजिस्ट्री पर अहम फैसला लिया है। अगर बिल्डर ने सभी जरूरी प्रमाण पत्र संबंधित प्राधिकरण के पास जमा करा दिए हैं और फिर भी ओसी या सीसी जारी नहीं होता है तो फिर रेरा बिल्डर को रजिस्ट्री कराने का आदेश दे सकेगा।
बुधवार को यूपी रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने लखनऊ में मासिक समीक्षा बैठक की। इसमें रेरा के सदस्य बलविंदर कुमार, कल्पना मिश्रा, भानु प्रताप सिंह, सचिव अबरार अहमद, वित्त नियंत्रक सुधांशु त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता अशोक कुमार, संयुक्त सचिव उमाशंकर सिंह मौजूद रहे।
यूपी रेरा के अध्यक्ष राजीव कुमार ने बताया कि काफी प्रोजेक्ट ऐसे हैं जहां निर्माण पूरा है, लेकिन ओसी या सीसी नहीं मिलने के कारण रजिस्ट्री नहीं हो रही है। इस स्थिति में अगर बिल्डर ने संबंधित प्राधिकरण में ओसी या सीसी के लिए आवेदन किया है।
साथ ही, उसे इलेक्ट्रिकल सेफ्टी सर्टिफिकेट, फायर सेफ्टी, स्ट्रक्चरल इंजीनियर, लिफ्ट इंस्टॉलेशन सर्टिफिकेट के साथ बिजली, पानी, सीवर, ड्रेन, आंतरिक मार्ग आदि विकास कार्य पूरा करने का प्रमाण पत्र आवेदन के साथ दिया है, लेकिन उस आवेदन के निस्तारण में संबंधित प्राधिकरण की तरफ से सकारात्मक या नकारात्मक फैसला नहीं लिया गया है। इस स्थिति में रेरा बिल्डर को यह आदेश दे सकेगा कि वह आवंटी को विधिवत रजिस्ट्री करके कब्जा दें। आवंटी को भी रजिस्ट्री कराकर कब्जा लेने का आदेश दिया जा सकेगा।
आम्रपाली के 43 प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने 23 जुलाई को आम्रपाली समूह के सभी प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द करने का आदेश दिया था। उस पर बुधवार को यूपी रेरा ने आम्रपाली के सभी 43 प्रोजेक्टों का पंजीकरण रद्द कर दिया है। जल्द ही रेरा की वेबसाइट से प्रोजेक्टों का ब्योरा हटा दिया जाएगा। आम्रपाली को डिफॉल्टर घोषित कर दिया गया है। फोटो समेत डिफॉल्टर की सूची में बिल्डर का नाम वेबसाइट पर अपलोड़ किया जाएगा। वहीं, बैंकों को भी इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत कार्रवाई करने के लिए सूचित किया जाएगा।