भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में बृहस्पतिवार को बिजली की मांग रिकार्ड 8,423 मेगावाट तक पहुंच गई। इस साल बिजली की मांग 9 हजार मेगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) के आंकड़ों के मुताबिक बृहस्पतिवार को दोपहर 3.06 बजे बिजली की अधिकतम मांग 8,423 मेगावाट रही। जो इस साल का सबसे अधिक आंकड़ा है। बुधवार रात 10:55 बजे दिल्ली की अधिकतम मांग 8,231 मेगावाट थी।
दिल्ली में पिछले साल बिजली की सर्वाधिक मांग 8,656 मेगावाट थी। दिल्ली की अधिकतम बिजली मांग 2023 में पहली बार 8,000 मेगावाट को पार कर गई। उत्तरी दिल्ली में बिजली वितरण करने वाली टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टाटा पावर-डीडीएल) ने कहा कि उसने बुधवार को 2,407 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग को बिना किसी व्यवधान या नेटवर्क बाधाओं के सफलतापूर्वक पूरा किया।
वहीं बीएसईएस के प्रवक्ता ने कहा कि बीआरपीएल (बीएसईएस राजधानी पावर लि.) में 3,747 मेगावाट और बीवाईपीएल (बीएसईएस यमुना पावर लि.) में 1832 मेगावाट की अधिकतम बिजली मांग को पूरा किया। इन व्यवस्थाओं में अन्य राज्यों के साथ दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते, बिजली की मांग का सटीक अनुमान लगाने के लिए कृत्रिम मेधा और मशीन लर्निंग जैसी नवीनतम तकनीकों का उपयोग शामिल है।
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करें बिजली कंपनियां : मंत्री
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए बिजली कंपनी और ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने बिजली कंपनियों को अपने इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में मौसम की भविष्यवाणी को देखते हुए दिल्ली में बिजली कंपनी अपनी पूरी तैयारी रखें।
उन्होंने कहा कि किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री ने सभी बिजली कंपनियों को निर्देश दिए कि वह अपने क्षेत्र में बिजली के पुराने ग्रिडों को बदलने, नई केबल डालने तथा बिजली के उत्पादन और वितरण में नई तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दें। ऐसी व्यवस्था भी करें जिससे फॉल्ट का तुरंत पता चल सके और रिस्पांस टीम तुरंत उसका समाधान भी कर सके।