प्रशासन की अनदेखी से कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
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संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। राजधानी दिल्ली की सबसे पुरानी और व्यस्त इलेक्ट्रॉनिक मार्केटों में शुमार शकरपुर इन दिनों एक त्रासदी की दहलीज पर खड़ी है। बाजार के ऊपर हवा में झूलते और उलझे हुए बिजली के तारों का जाल एक ऐसा टाइम बम बन चुका है, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। त्योहारी सीजन के चलते जहां एक तरफ बाजार में खरीदारों का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन की यह अनदेखी किसी बड़े जानलेवा हादसे को सीधा न्योता दे रही है।
दुकानों से पहले दिखती है लापरवाही की तस्वीर: किफायती खरीदारी के लिए मशहूर शकरपुर मार्केट में प्रवेश करते ही ग्राहकों का स्वागत दुकानों की चमक-दमक से नहीं, बल्कि सिर के ठीक ऊपर लटकते तारों से होता है। ठीक सामने दिल्ली का मशहूर एजुकेशन हब लक्ष्मी नगर होने के कारण यहां रोजाना हजारों छात्रों और युवाओं की भारी भीड़ जुटती है। दीवाली के मद्देनजर यह भीड़ अब कई गुना बढ़ चुकी है। इतनी सघन आबादी और व्यस्तता के बावजूद, यहां आपातकालीन सुरक्षा या आग से बचाव का कोई बुनियादी ढांचा तक मौजूद नहीं है।
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स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यह कोई नई समस्या नहीं है। पूर्व में भी तारों में शॉर्ट-सर्किट के कारण बाजार में कई बार आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। हालांकी, उन घटनाओं में दुकानदारों को कोई आर्थिक नुकसान नहीं झेलना पड़ा था। बार-बार होने वाले इन हादसों के बावजूद तारों को व्यवस्थित करने या भूमिगत करने की कोई ठोस योजना अभी तक सामने नहीं आई है।
त्योहारी सीजन शुरू होते ही दुकानदारों ने इलेक्ट्रॉनिक आइटमों पर भारी डिस्काउंट और किफायती ऑफर निकाले हैं, जिससे बाजार में पैर रखने की जगह नहीं है। जैसे-जैसे दीवाली करीब आ रही है, भीड़ बढ़ती जा रही है। लेकिन विडंबना देखिए कि यहां सुरक्षा को लेकर कोई प्रशासनिक इंतजाम नहीं हैं। - विकास कुमार, दुकानदार