कोरोना वायरस से पैदा हुए संकट के इस दौर में दिल्ली के निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों व उनके अभिभावकों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली सरकार ने शुक्रवार को फैसला लिया है कि कोई भी निजी स्कूल बिना सरकार की इजाजत के फीस नहीं बढ़ा सकेगा।
वहीं, मासिक आधार पर सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेनी होगी। इसके साथ स्कूल प्रबंधन को अपने पूरे स्टाफ को वेतन देना होगा। अगर कोई स्कूल इस फैसले का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ दिल्ली स्कूल एक्ट व राष्ट्रीय आपदा कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली सरकार ने इस बारे में आदेश भी जारी कर दिया है।
मनीष सिसोदिया ने बताया कि उनको शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल मनमाने तरीके से फीस ले रहे हैं। इतना ही नहीं, स्कूल बंद होने के बावजूद परिवहन शुल्क भी वसूला जा रहा था। उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि यह ठीक नहीं है। स्कूलों को इतना नीचे गिरने की जरूरत नहीं है। स्कूलों का बुनियादी काम ट्रस्टी के तौर पर समाज सेवा का है, स्कूल धंधा नहीं कर सकते।