शहर में पानी-सीवर व सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अमेरिकी संस्था यूनाईटेड स्टेट्स एजेंसी फार इंटरनेशनल डेवलपमेंट(यूएसएआईडीए) शहरी विकास मंत्रालय के अधीन काम करने वाली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स के साथ मिलकर बेहतर संभावनाएं तलाशेगी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।
ये संस्था भारत सरकार की वास(वाटर एंड सेनीटेशन हाईजिन) कार्यक्रम के तहत काम करेगी। संस्था का मेन फोकस पानी, सीवर व्यवस्था और साफ सफाई को मजबूत कैसे बनाया जाए, उसकी संभावनाएं तलाशना और निगम को सुझाव देना है। उस पर काम करना निगम की जिम्मेदारी होगी।
सोमवार को छह सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल सुबह करीब 10 बजे नगर निगम पहुंचा और अधीक्षण अभियंता अनिल मेहता से मुलाकात की। शहरवासियों को दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस संस्था ने देश तीन शहरों मैसूर, उदयपुर और फरीदाबाद को चुना है जहां मूलभूत सुविधाओं का अध्ययन करेगी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी।
संस्था तीन साल तक अलग-अलग योजनाओं पर काम करेगी। टीम फील्ड में जाकर लोगों को दी जाने वाली सुविधाओं को देखा। सदस्यों ने भारत सरकार के अन्तर्गत आने वाले विभिन्न विकास कार्यो की जानकारी ली। साथ ही अमृत योजना में प्रस्तावित सीवर लाइन, सीईटीपी, एसटीपी तथा शहरी सफाई अभियान के बारे में विस्तृत चर्चा की।
एसई मेहता ने बताया अमेरिकन संस्था यूसेड इंडिया, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर्स के साथ मिलकर शहर में काम करेगी। इसकी सहायता के लिए तरुलिटी, इनोवेट और आईआरसी संस्था भी काम कर रही है। टीम में यूसेड इंडिया से आनंद रुद्रा, तरुलिटी से मनू प्रकाश, विपुल कुमार, उदय कुमार, अभिषेक कपूर, परामिता डे शामिल थे।