फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमेरिकी डॉक्टर ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को लिखा पत्र, चंदे का मांगा ब्योरा

Sat, 26 Nov 2016 07:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार


, नहीं तो करेंगे चंदे के खिलाफ सत्याग्रह 
आप एनआरआई सेल के पूर्व सह संयोजक की केजरीवाल को चेतावनी
- फिलहाल पार्टी ने निलंबित चल रहे मुनीष रायजादा ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र, चंदे का मांगा ब्योरा, नहीं मिलने पर करेंगे चंदे के खिलाफ सत्याग्रह
 
विज्ञापन
केजरीवाल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आम आदमी पार्टी (आप) की एनआरआई विंग के पूर्व सह संयोजक व फिलहाल पार्टी से निलंबित चल रहे अमेरिकी चिकित्सक मुनीष रायजादा ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मांग की है कि वह पार्टी के स्थापना दविस 26 नवंबर को चंदे का ब्योरा सार्वजनिक करें।
विज्ञापन


साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर उनकी मांग को दरकिनार किया गया तो वह आप के चंदे के खिलाफ सत्याग्रह शुरू करेंगे। इस बारे में उन्होंने केजरीवाल को एक पत्र भी लिखा है। मुनीष रायजादा ने केजरीवाल को भेजे गये पत्र में लिखा है कि बीते जून महीने से पार्टी ने चंदे का ऑन लाइन लिस्ट वेबसाइट से हटा ली गयी है।

रायजादा के मुताबिक, संयोग से यह वही वक्त था, जब आयकर विभाग चंदे से जुड़े कुछ सवाल पूछे थे। इसमें उसने कहा है कि वेबसाइट पर डाली गयी डोनेशन की डिटेल चुनाव आयोग के रिकार्ड से मैच नहीं करता। इसके लिये विभाग ने पार्टी को तीन नोटिस भी भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रायजादा का कहना है कि पार्टी गठन के वक्त कहा गया है कि स्वच्छ राजनीति के लिये हम सभी चुनावी राजनीति में उतर रहे हैं। फंडिंग की पारदर्शिता पार्टी के बुनियादी असूलों से शामिल था।

रायजादा ने केजरीवाल को याद दिलाया है कि इन्हीं वजहों से बड़ी संख्या में हम जैसे लोगों ने अपना कैरियर छोड़कर पार्टी को अपना कीमती वक्त दिया था। साथ ही खुद के साथ एनआरआई समुदाय से भी चंदा दिलवाया था। लेकिन चंदा की डिटेल छिपाने से हम सभी की उम्मीदें ढह गयी हैं।

रायजादा ने मांग की है कि चंदे का पूरा व्योरा सार्वजनिक किया जाये। बैलेंस शीट की सही जानकारी मिले। संदेहास्पद दो करोड़ रुपये के चंदे की जांच हो। रायजादा ने कहा है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती तो उन्हें मजबूरन पार्टी के चंदे के खिलाफ सत्याग्रह शुरू करना पड़ेगा। इसमें बड़ी संख्या में एनआरआई समुदाय के लोगों का भी समर्थन है। मांगे पूरी न होने पर इसकी रणनीति का खुलासा किया जायेगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें