फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एंबुलेंस संचालकों की हड़ताल से बढ़ती जा रही है मुसीबतें

Thu, 11 Feb 2016 12:45 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
विज्ञापन
विज्ञापन
निजी एंबुलेंस संचालकों की हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। एंबुलेंस के हड़ताल से मरीज और उनके परिजनों की मुसीबतें बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


रजिस्ट्रेशन टैक्स घटाने आर पीजीटी गुड्स टैक्स हटाने को लेकर एंबुलेंस वेलफेयर एसोसिएशन की अनिश्चितकालीन हड़ताल के तीसरे दिन इसका व्यापक असर दिखा।

मृतकों के परिवार को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी। एंबुलेंस नहीं मिलने की सूरत में माल ढोने वाली छोटी गाड़ियों और ऑटो से शव को ले जाने को मजबूर हुए।

गुड़गांव के करीब सवा तीन सौ और पूरे दिल्ली-एनसीआर में करीब 8000 एंबुलेंस चालक इस हड़ताल में शामिल हैं। ये अधिकांश एंबुलेंस छोटे नर्सिंग होम व निजी अस्पताल में चलते हैं।

जो मरीजों को लाने और ले जाने का काम करते है। रेफर की स्थिति में बड़े अस्पतालों में निजी अस्पतालों में रेफर कर ले जाते हैं। एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण परिजन मरीजों को ऑटो और टैक्सियों में लेकर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन


एंबुलेंस न मिलने से सरकारी अस्पतालों में आए मरीज और दुर्घटनाग्रस्त लोग बेहाल दिखे। अस्पतालों से शव को शव गृह तक पहुंचाने में भी परेशानी हुई।

बता दें कि 27 जनवरी को परिवहन आयुक्त ने पत्र जारी कर गुड्स टैक्स और बढ़ी हुई रजिस्ट्रेशन टैक्स देने के आदेश दिए हैं। एसोसिएशन ने एंबुलेंस पर नया पीजीटी गुड्स टैक्स को 2011 से माफ करने और रजिस्ट्रेशन टैक्स 6 फीसदी से घटाकर एक फीसदी करने की मांग करते हुए सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। बुधवार को सभी एंबुलेंस संचालक सेक्टर-14 में एकजुट खड़े रहे और हवन करके अपनी मांग को दोहराया।

वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव विपिन कुमार और प्रधान सुरेंद्र तंवर ने बताया कि चार महीने बाद भी टैक्स माफी की घोषणा पर अमल नहीं किया गया। बल्कि इसे देने के लिए परिवहन कमीश्नर की तरफ से पत्र जारी कर दिया गया है।
विज्ञापन


इसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है, जब तक इसे वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक हड़ताल जारी रहेगा। दिल्ली की तर्ज पर 13 साल का फिटनेस सर्टिफिकेट देने की मांग की गई। बता दें कि हरियाणा में इसकी मियाद घटाकर आठ साल कर दी गई है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें